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CBSE Hindi Elective Sample Paper Class 12 2026-27 with Solutions PDF: अंतरा, अंतराल के उत्तर

By Rohit Gupta Oct 07, 2026 7 min read
CBSE Hindi Elective Sample Paper Class 12 with Solutions
Official CBSE Sample Paper 2026-27 · Solved by Competishun

CBSE Hindi Elective Sample Paper Class 12 2026-27 with Solutions PDF: अंतरा, अंतराल के उत्तर

All 13 questions solved with answers, explanations and the marking scheme for the CBSE Class 12 Hindi Elective (002) sample paper 2026-27.

13Questions Solved
80Theory Marks
3 HrsDuration
002Subject Code
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This page has the complete CBSE Hindi Elective sample paper class 12 2026-27 with solutions. All 13 questions of the official Hindi Elective (002) paper are solved below with the marking scheme, and the full solutions are available as a free PDF.

हिंदी ऐच्छिक में अंतरा और अंतराल से 40 अंक आते हैं। कविता की व्याख्या, लेखक का दृष्टिकोण और पाठ से उदाहरण, ये तीनों बातें उत्तर में होनी चाहिए। नीचे के उत्तर इसी अंक योजना के अनुसार हैं।

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Quick answer: The cbse hindi elective sample paper class 12 2026-27 solutions are available on this page as a free PDF, and every question is solved below with the marking scheme. The question paper itself is on our CBSE Class 12 sample paper 2026-27 page.
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cbse hindi elective sample paper class 12 2026-27 solutions PDF first page

CBSE Class 12 Hindi Elective Sample Paper 2026-27: Complete Solutions

  • All 13 questions solved, including internal choices
  • Step-wise marking scheme for every answer
  • Clear explanations in simple language
  • Free, no login, works on mobile
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Paper Pattern

Hindi Elective Sample Paper Class 12 2026-27 Pattern

CBSE has stated that there is no change in the question paper design for the 2026-27 session, so this is the structure of your board paper.

SectionQuestionsQuestion TypesMarks
क: अपठित बोध1 और 2अपठित गद्यांश और काव्यांश18
ख: अभिव्यक्ति और माध्यम3 से 6रचनात्मक लेखन और माध्यम22
ग: अंतरा एवं अंतराल7 से 13पाठ्यपुस्तक आधारित प्रश्न40
Total13Duration: 3 hours80

Official source: CBSE Academic, Sample Question Papers Class XII 2026-27.

How These Hindi Elective Sample Paper Solutions Are Written

Each question below opens into a full solution with three parts.

Answer

The correct option or the complete written answer, as you should write it in the exam.

Explanation

Why the answer is correct, so you can solve similar questions.

Marking Scheme

Where each mark is given, so you know what the examiner looks for.

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Hindi Elective Sample Paper Solutions: खंड क: अपठित बोध (प्रश्न 1 और 2, 18 अंक)

Q110 अंकनिम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए - हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में एक किसान ने पहली बार हींग की सफलतापूर्वक खेती की है। यह एक ऐसी उपलब्धि है जो इस घरेलू मसाले की खेती में ‘क्रांति ला सकती है’, जिसे कभी...Tap to view answer and marking scheme

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए - हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में एक किसान ने पहली बार हींग की सफलतापूर्वक खेती की है। यह एक ऐसी उपलब्धि है जो इस घरेलू मसाले की खेती में ‘क्रांति ला सकती है’, जिसे कभी भारतीय धरती पर उगाना असंभव माना जाता था। लाहौल घाटी के सालगरा गाँ व के किसान तोग चंद ने सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी), पालमपुर के वैज्ञानिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए बीजों से चार साल की कड़ी मेहनत के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। आईएचबीटी के वैज्ञानिकों की एक टीम ने हाल ही में तोग चंद के खेत का दौरा किया, जहाँ वे किसान की इस अनोखी उपलब्धि से प्रभावित हुए। टीम ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में हींग की खेती के परीक्षण किए थे, लेकिन उन्हें कहीं भी सफलता नहीं मिली। तोग चंद की यह सफलता हींग उगाने के सपने को साकार करने की दिशा में आशा की किरण है, जिसे अब तक अफगानिस्तान और ईरान से निर्यात किया जाता रहा है। तोग चंद, जिन्होंने एक बीघा ज़मीन पर हींग की सफलतापूर्वक खेती की है, को उम्मीद है कि लाहौल-स्पीति के अन्य किसान भी इस सफलता को दोहराकर भारत को हींग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देंगे। चार साल पहले सीएसआईआर-आईएचबीटी, पालमपुर की टीम के दौरे के दौरान, हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी की ठं डी और शुष्क जलवायु हींग की खेती के लिए उपयुक्त पाई गई थी। वैज्ञानिकों ने घाटी के कुछ किसानों को हींग के बीज दिए थे, ताकि वे इसे अपने खेतों में उगा सकें । हालाँ कि घाटी के कई किसानों ने हींग उगाने की कोशिश की, लेकिन चंद ही भाग्यशाली रहे जिन्होंने इसे सफलतापूर्वक उगाया। स्रोत - आविष्कार पत्रिका, नवंबर 2025 अंक से साभार (I) तोग चंद की हींग की खेती की सफलता किसका परिणाम है? [1]

(A) विदेशी निवेश का (B) उत्कृ ष्ट जीवनशैली का

(C) वैज्ञानिक सहयोग का (D) किसानों के परस्पर सहयोग का

उत्तर

(C) वैज्ञानिक सहयोग का

व्याख्या गद्यांश के अनुसार तोग चंद ने सीएसआईआर-आईएचबीटी, पालमपुर के वैज्ञानिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए बीजों से यह उपलब्धि प्राप्त की। अतः यह सफलता वैज्ञानिक सहयोग का परिणाम है।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (II) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - [1]

(i) लाहौल स्पीति की ज़मीन पर किसान बरसों से हींग की खेती कर रहे थे।

(ii) हींग के बीज हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति के कई किसानों को दिए गए थे।

(iii) आईएचबीटी की टीम ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में हींग की खेती के परीक्षण किए थे। गद्यांश के अनुसार कौन-सा / से कथन सही हैं?

(A) केवल कथन (i) सही है। (B) केवल कथन (i) और (ii) सही हैं।

(C) केवल कथन (i) और (iii) सही हैं। (D) केवल कथन (ii) और (iii) सही हैं।

उत्तर

(D) केवल कथन (ii) और (iii) सही हैं।

व्याख्या गद्यांश में स्पष्ट है कि वैज्ञानिकों ने घाटी के कई किसानों को हींग के बीज दिए थे तथा आईएचबीटी की टीम ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में हींग की खेती के परीक्षण किए थे। कथन (i) गलत है, क्योंकि हींग की सफल खेती यहाँ पहली बार हुई है, बरसों से नहीं।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (III) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। [1] कथन : हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी हींग की खेती के लिए उपयुक्त पाई गई थी। कारण : हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी की ठं डी और शुष्क जलवायु हींग की खेती के लिए ठीक थी।

(A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।

(C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है। (D) कथन सही है, किंतु कारण उसकी उचित व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर

(C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है।

व्याख्या कथन और कारण दोनों गद्यांश के अनुरूप सत्य हैं, और घाटी की ठं डी एवं शुष्क जलवायु ही वह कारण है जिसके चलते वह क्षेत्र हींग की खेती के लिए उपयुक्त पाया गया। अतः कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (IV) हींग की खेती क्रांति कैसे ला सकती है? [1]

उत्तर

• हींग के आयात पर भारत की निर्भरता समाप्त होगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

• पहाड़ी किसानों को नकदी फसल मिलेगी, जिससे रोज़गार बढ़ेगा और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।

अंक योजना कोई भी एक उपयुक्त बिंदु - 1 अंक। (V) तोग चंद की हींग की खेती में सीएसआईआर-आईएचबीटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सिद्ध कीजिए। [2]

उत्तर

• संस्थान के वैज्ञानिकों ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक सहयोग देते हुए हींग के बीज उपलब्ध कराए।

• टीम ने लाहौल घाटी की ठं डी और शुष्क जलवायु को हींग की खेती के लिए उपयुक्त पाया और किसानों को इस दिशा में प्रेरित किया।

• वैज्ञानिकों ने खेत का दौरा कर किसान का मार्गदर्शन किया तथा उसकी उपलब्धि को मान्यता दी।

• इस प्रकार संस्थान ने भारत को हींग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आशा जगाई।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक। गद्यांश से भिन्न किंतु उपयुक्त उत्तर पर भी अंक दिए जाएँ । (VI) किसान और वैज्ञानिकों का संयुक्त प्रयास भारत को हींग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देगा। गद्यांश के आधार पर अपने विचार लिखिए। [2]

उत्तर

• हींग की सफल खेती वैज्ञानिक अनुसंधान और ग्रामीण नवाचार की संयुक्त शक्ति का प्रमाण है।

• वैज्ञानिकों की दूरदर्शिता और किसान की चार वर्ष की कड़ी मेहनत ने उस कार्य को संभव कर दिखाया जिसे असंभव माना जाता था।

• यदि घाटी के अन्य किसान भी इस सफलता को दोहराएँ तो आयात पर निर्भरता घटेगी और देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त विचार-बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक। (VII) गद्यांश से प्राप्त संदेश अपने शब्दों में लिखिए। [2]

उत्तर

• कठिन परिश्रम, धैर्य और दृढ़ निश्चय से असंभव भी संभव हो जाता है।

• वैज्ञानिक ज्ञान जब जन-सामान्य के श्रम से जुड़ता है, तब वास्तविक परिवर्तन आता है।

• प्रत्येक भारतीय अपने-अपने स्तर पर प्रयास करके देश की प्रगति और आत्मनिर्भरता में योगदान दे सकता है।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक।

Q28 अंकनिम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए - रे प्रवासी, जाग, तेरे / देश का संवाद आया। भेदमय संदेश सुन पुलकित / खगों ने चंचु खोली; प्रेम से झुक-झुक प्रणति में / पादपों की पंक्ति डोली; दूर प्राची की तटी से / विश्व के तृण-तृण...Tap to view answer and marking scheme

निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए - रे प्रवासी, जाग, तेरे / देश का संवाद आया। भेदमय संदेश सुन पुलकित / खगों ने चंचु खोली; प्रेम से झुक-झुक प्रणति में / पादपों की पंक्ति डोली; दूर प्राची की तटी से / विश्व के तृण-तृण जगाता; फिर उदय की वायु का वन में / सुपरिचित नाद आया। रे प्रवासी, जाग, तेरे / देश का संवाद आया। व्योम-सर में हो उठा विकसित / अरुण आलोक-शतदल; चिर-दुखी धरणी विभा में / हो रही आनंद-विह्वल। चूमकर प्रति रोम से सिर / पर चढ़ा वरदान प्रभु का, रश्मि-अंजलि में पिता का / स्नेह-आशीर्वाद आया। रे प्रवासी, जाग, तेरे / देश का संवाद आया। सिंधु-तट का आर्य भावुक / आज जग मेरे हृदय में, खोजता, उद्गम विभा का / दीप्त-मुख विस्मित उदय में; उग रहा जिस क्षितिज-रेखा / से अरुण, उसके परे क्या?

एक भूला देश धूमिल-सा, / मुझे क्यों याद आया?

रे प्रवासी, जाग, तेरे / देश का संवाद आया। स्रोत - पुस्तक : स्वतंत्रता पुकारती · कवि : रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (I) कविता का मुख्य संदेश क्या है? [1]

(A) प्रकृति का संरक्षण आवश्यक। (B) व्यक्तिगत सुख को साझा करना।

(C) वर्तमान स्थिति की चिंता व्यक्त करना। (D) प्रवासी को देश की चेतना से जोड़ना।

उत्तर

(D) प्रवासी को देश की चेतना से जोड़ना।

व्याख्या कविता की ध्रुवपंक्ति ‘रे प्रवासी, जाग, तेरे देश का संवाद आया’ बार-बार दोहराई गई है। कवि प्रवासी को जगाकर उसे अपने देश की नव-जागृति से जोड़ना चाहता है। अतः विकल्प (D) सही है।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (II) कवि का अंतर्निहित प्रश्न “उग रहा जिस क्षितिज-रेखा से अरुण, उसके परे क्या?” किस भाव को उभारता है? [1]

(A) भौतिक वस्तुओं की खोज। (B) जिज्ञासा और चेतना की खोज।

(C) नए सत्य और उजाले की खोज। (D) मनुष्य की सीमा से आगे की खोज।

उत्तर

(B) जिज्ञासा और चेतना की खोज।

व्याख्या क्षितिज के परे क्या है - यह प्रश्न कवि के भीतर उठती जिज्ञासा और आत्म-चेतना की खोज का सूचक है। यह जिज्ञासा ही आगे ‘एक भूला देश’ की स्मृति तक ले जाती है।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (III) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। [1] कथन : कविता में उल्लिखित “अरुण आलोक-शतदल” एक नए प्रभात का प्रतीक है। कारण : “अरुण आलोक-शतदल” सूर्योदय के प्रकाश से खिले फूल की तरह देश के नए उत्साह को दर्शाता है।

(A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।

(C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है। (D) कथन सही है, किंतु कारण उसकी उचित व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर

(C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है।

व्याख्या ‘व्योम-सर’ (आकाश रूपी सरोवर) में खिला ‘अरुण आलोक-शतदल’ प्रभात का रूपक है; सूर्योदय के प्रकाश से खिले शतदल कमल की भाँ ति वह देश के नए उत्साह को व्यक्त करता है। अतः कारण कथन की उचित व्याख्या है।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (IV) “चिर-दुखी धरणी विभा में हो रही आनंद-विह्वल” से क्या आशय है? [1]

उत्तर एवं व्याख्या जो धरती युगों से दुखी और उपेक्षित थी, वही अब प्रभात की आभा पाकर आनंद से विभोर हो उठी है। आशय यह है कि लंबे संघर्ष और पीड़ा के बाद देश में नवचेतना, समृद्धि और प्रसन्नता का संचार हो रहा है।

अंक योजना उपयुक्त आशय के लिए 1 अंक। (V) कविता में प्रकृति के किन दो तत्वों का वर्णन देश की नव-जागृति के प्रतीक के रूप में हुआ है? [2]

उत्तर

• प्रथम तत्व - आकाश में खिलता सूर्य रूपी कमल (‘अरुण आलोक-शतदल’) : यह नवचेतना, गौरव और प्रगति का प्रतीक है।

• द्वितीय तत्व - खुशहाल होती धरती (‘चिर-दुखी धरणी विभा में हो रही आनंद-विह्वल’) : यह देश के आर्थिक एवं सांस्कृ तिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।

अंक योजना प्रत्येक तत्व के उल्लेख एवं प्रतीकार्थ के लिए 1 + 1 = 2 अंक। (VI) “एक भूला देश धूमिल-सा, मुझे क्यों याद आया?” पंक्ति के माध्यम से कवि का मनोभाव स्पष्ट कीजिए। [2]

उत्तर

• यह पंक्ति कवि के उस गहरे देश-प्रेम और चिंता को व्यक्त करती है, जो अपने देश को पुनः गौरवान्वित होते देखना चाहता है।

• ‘भूला’ और ‘धूमिल’ शब्द बताते हैं कि देश का अतीत गौरव स्मृति से ओझल-सा हो गया है, फिर भी वह कवि के मन में अनायास जाग उठता है।

• यह एक आत्मीय पुकार है - भीतर से उठती वह आवाज़ जो प्रवासी को जड़ों की ओर लौटने के लिए प्रेरित करती है।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक। अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक के आधार पर - 22 अंक

Hindi Elective Sample Paper Solutions: खंड ख: अभिव्यक्ति और माध्यम (प्रश्न 3 से 6, 22 अंक)

Q35 अंकनिम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए - (I) एंकर पैकेज से क्या तात्पर्य है? (शब्द सीमा - लगभग 20 शब्द) [1]Tap to view answer and marking scheme

उत्तर एवं व्याख्या एंकर पैकेज किसी खबर को संपूर्णता के साथ प्रस्तुत करने का माध्यम है। इसमें घटना से संबंधित दृश्य, उससे जुड़े लोगों की बाइट तथा ग्राफ़िक के माध्यम से दी गई ज़रूरी सूचनाएँ सम्मिलित होती हैं।

अंक योजना उपयुक्त परिभाषा के लिए 1 अंक। (II) पत्रकारिता की भाषा में मुखड़ा क्या है? इसका महत्व बताएँ । (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द) [2]

उत्तर

• मुखड़ा (इंट्रो) समाचार का पहला पैराग्राफ़ होता है, जो दो-तीन पंक्तियों में, आमतौर पर तीन या चार ‘ककारों’ को आधार बनाकर लिखा जाता है।

• महत्व - यही पाठक का ध्यान सबसे पहले खींचता है और समाचार की गुणवत्ता तय करता है; इसी पर निर्भर करता है कि पाठक समाचार आगे पढ़ेगा या नहीं।

अंक योजना मुखड़े का अर्थ 1 अंक + महत्व 1 अंक = 2 अंक। (III) सजीव और रोचक फ़ीचर कैसे लिखा जा सकता है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द) [2]

उत्तर

कोई भी दो बिंदु

• फ़ीचर का प्रारंभ, मध्य और अंत परस्पर जुड़े हुए होने चाहिए।

• अनुच्छेद छोटे हों और पूरा लेखन एक ही विषय पर कें द्रित हो।

• विषयानुकू ल चित्रों, ग्राफ़िक्स और रेखांकनों का प्रयोग आवश्यक है।

• फ़ीचर ज्ञान और मनोरंजन के साथ-साथ सूचना-प्रधान भी हो।

• विषय और विचारों में तारतम्यता बनी रहे।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक।

Q42 × 3 = 6 अंकनिम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए - (I) रेडियो के लिए समाचार लिखते हुए किन अनिवार्य गुणों का पालन करना चाहिए? [3]Tap to view answer and marking scheme

उत्तर

• समाचार की प्रति साफ़-सुथरी टंकित हो; कोई भी पंक्ति अधूरी न रहे।

• भाषा सहज बोलचाल की हो; कठिन, क्लिष्ट शब्दों से परहेज़ किया जाए।

• अक्षरों और अंकों के प्रयोग में विशेष सावधानी बरती जाए।

• समय-सूचक शब्दों - आज सुबह, कल शाम, दोपहर - का प्रयोग पूरी सतर्क ता से हो।

• संक्षिप्ताक्षरों के प्रयोग से बचा जाए।

• डेडलाइन का ध्यान रखा जाए।

अंक योजना किन्हीं तीन उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 + 1 = 3 अंक। (II) ‘समाचार-पत्र में अगर आर्थिक और खेल का पृष्ठ न हो तो वह संपूर्ण समाचार पत्र नहीं माना जाएगा।’ कथन का औचित्य सिद्ध कीजिए। [3]

उत्तर

• धन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का मूल आधार है; महँगाई, बजट, नफ़े -नुकसान और बाज़ार से हर पाठक सीधे प्रभावित होता है।

• आर्थिक गतिविधियों का कारोबार तथा अर्थ-जगत से गहरा संबंध है, और राजनीति एवं अर्थव्यवस्था भी परस्पर जुड़े हुए हैं; अतः आर्थिक पृष्ठ अनिवार्य है।

• खेल पृष्ठ हर आयु-वर्ग के पाठकों की रुचि का विषय है और समाचार-पत्र की पाठक-संख्या बढ़ाता है।

• खेल राष्ट्रीय गौरव और युवाओं की प्रेरणा से जुड़े हैं; आज खेल एक बड़ा उद्योग भी बन चुका है, जिसका आर्थिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है।

• इन दोनों पृष्ठों के बिना समाचार-पत्र जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को अछूता छोड़ देगा, इसलिए वह संपूर्ण नहीं कहा जाएगा।

अंक योजना किन्हीं तीन उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 + 1 = 3 अंक। आर्थिक एवं खेल - दोनों पक्षों का उल्लेख अपेक्षित। (III) खोजी रिपोर्ट और इन-डेप्थ रिपोर्ट में अंतर स्पष्ट कीजिए। [3]

उत्तर

• खोजी रिपोर्ट - इसका इस्तेमाल आमतौर पर भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और गड़बड़ियों को उजागर करने के लिए किया जाता है। इसमें वे तथ्य खोजकर सामने लाए जाते हैं जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होते।

• इन-डेप्थ रिपोर्ट - इसमें सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध तथ्यों, सूचनाओं और आँ कड़ों की गहरी छानबीन की जाती है और उसके आधार पर किसी घटना, समस्या या मुद्दे से जुड़े पहलुओं को सामने लाया जाता है।

• अंतर का मूल - खोजी रिपोर्ट छिपे हुए सच को खोजती है, जबकि इन-डेप्थ रिपोर्ट उपलब्ध सच की गहराई में जाती है।

अंक योजना दोनों रिपोर्टों की व्याख्या 1 + 1 अंक तथा स्पष्ट अंतर 1 अंक = 3 अंक।

Q55 अंकनिम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए - (I) जब मैंने अनजाने लिंक पर क्लिक किया… (II) जब मैंने अभयारण्य में जीप की सवारी का आनंद लिया… (III) जब मैंने रेलवे प्लेटफ़ार्म पर एक बच्चे को रोते देखा…Tap to view answer and marking scheme

उत्तर

संभावित रूपरेखा (किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्द) (I) जब मैंने अनजाने लिंक पर क्लिक किया…

• लुभावने संदेश या पुरस्कार की सूचना आना और उत्सुकता में लिंक खोल लेना।

• मोबाइल/खाते से जुड़ी जानकारी का अनधिकृ त उपयोग, ठगी या वायरस का भय।

• घबराहट, पछतावा और तुरंत उठाए गए कदम - पासवर्ड बदलना, बैंक को सूचित करना, साइबर हेल्पलाइन।

• निष्कर्ष - डिजिटल सतर्क ता और अनजान लिंक से दूरी का संकल्प। (II) जब मैंने अभयारण्य में जीप की सवारी का आनंद लिया…

• भोर में अभयारण्य पहुँचना, जीप-सफ़ारी का रोमांच और गाइड के निर्देश।

• वन्य जीवों - हिरन, मोर, हाथी या बाघ - की झलक, पक्षियों की ध्वनियाँ , वन का सौंदर्य।

• रोमांच के साथ भय और विस्मय का मिश्रित अनुभव।

• निष्कर्ष - वन्य जीवन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता। (III) जब मैंने रेलवे प्लेटफ़ार्म पर एक बच्चे को रोते देखा…

• भीड़भरे प्लेटफ़ार्म पर अकेले रोते बच्चे का दृश्य और मन में उठी संवेदना।

• बच्चे से बात करना, उसका परिवार से बिछड़ जाना, उद्घोषणा कक्ष/रेलवे पुलिस की सहायता लेना।

• माता-पिता से मिलन का भावुक क्षण।

• निष्कर्ष - संवेदनशीलता, सामाजिक दायित्व और समय पर की गई सहायता का महत्व।

अंक योजना विषयवस्तु 3 अंक + भाषा 1 अंक + प्रस्तुति 1 अंक = 5 अंक। उपर्युक्त बिंदु सांके तिक हैं; विद्यार्थी द्वारा दिए गए भिन्न किंतु उपयुक्त उत्तर पर भी पूरे अंक दिए जाएँ ।

Q62 × 3 = 6 अंकनिम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए - (I) ‘शब्दों से खेलने का प्रयास कविता है।’ सिद्ध कीजिए। [3]Tap to view answer and marking scheme

उत्तर

• शब्द कविता-लेखन का प्राथमिक उपकरण है; शब्दों से मेल-जोल कविता की पहली शर्त है।

• शब्द ही भावों को आकार देने का माध्यम हैं - भाव तभी कविता बनते हैं जब उपयुक्त शब्द मिल जाएँ ।

• तुकबंदी और शब्द-क्रीड़ा के प्रयास से रचनात्मक क्षमता का विकास होता है।

• शब्दों के साथ खेलने पर उनके भीतर छिपे अर्थ के नए आयाम खुलते हैं और भाषा में नयापन आता है।

अंक योजना किन्हीं तीन उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 + 1 = 3 अंक। (II) नाटक के मंच-निर्देश हमेशा वर्तमान काल में ही लिखे जाने का कारण उदाहरण सहित लिखिए। [3]

उत्तर

• नाटक ‘घटित होती हुई’ विधा है - दर्शक वर्तमान क्षण में ही उपस्थित रहता है, इसलिए निर्देश भी वर्तमान काल में दिए जाते हैं।

• मंच-निर्देश का उद्देश्य दर्शक/प्रेक्षक को घटना से उसी क्षण अवगत कराना होता है।

• भूतकाल और भविष्यकाल की घटनाओं को भी मंच पर वर्तमान काल में ही मंचित किया जाता है।

• उदाहरण - ‘(मंच पर अँधेरा है। धीरे-धीरे प्रकाश फैलता है और पात्र प्रवेश करता है।)’

अंक योजना कारण संबंधी किन्हीं दो बिंदुओं के लिए 1 + 1 अंक तथा उपयुक्त उदाहरण के लिए 1 अंक = 3 अंक। (III) कहानी को रोचक बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। [3]

उत्तर

• कहानी की रोचकता कथानक तथा उसमें प्रयुक्त देशकाल, वातावरण, पात्र, संवाद और स्थान आदि से संभव होती है।

• कथानक में द्वंद्व और क्लाइमैक्स का ध्यानपूर्वक चित्रण कहानी की रोचकता के लिए आवश्यक है।

• संवाद पात्रानुकू ल, सजीव और छोटे हों तथा कथा को आगे बढ़ाएँ ।

• उदाहरण - ‘संवदिया’ कहानी में बड़ी बहुरिया और हरगोबिन की बातचीत, जो रहस्य और मार्मिकता दोनों बनाए रखती है।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 अंक तथा उदाहरण के लिए 1 अंक = 3 अंक। पाठ्य पुस्तकों अंतरा एवं अंतराल के आधार पर - 40 अंक

Hindi Elective Sample Paper Solutions: खंड ग: अंतरा एवं अंतराल (प्रश्न 7 से 13, 40 अंक)

Q75 × 1 = 5 अंकनिम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए - वह लता वहीं की, जहाँ कली / तू खिली, स्नेह से हिली, पली, अंत भी उसी गोद में शरण / ली, मूँदे दृग वर महामरण! मुझ भाग्यहीन की तू संबल / युग वर्ष बाद जब...Tap to view answer and marking scheme

निम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए - वह लता वहीं की, जहाँ कली / तू खिली, स्नेह से हिली, पली, अंत भी उसी गोद में शरण / ली, मूँदे दृग वर महामरण! मुझ भाग्यहीन की तू संबल / युग वर्ष बाद जब हुई विकल दुख ही जीवन की कथा रही / क्या कहूँ आज, जो नहीं कही! हो इसी कर्म पर वज्रपात / यदि धर्म, रहे नत सदा माथ इस पथ पर, मेरे कार्य सकल / हो भ्रष्ट शीत के -से शतदल! कन्ये, गत कर्मों का अर्पण / कर, करता मैं तेरा तर्पण! (I) निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प कवि द्वारा स्वयं को ‘भाग्यहीन’ कहने का कारण नहीं हो सकता - [1]

(i) एकमात्र पुत्री की युवावस्था में ही मृत्यु हो जाना

(ii) पुत्री को जन्म देते ही पत्नी का देहावसान हो जाना

(iii) कवि रूप में साहित्य जगत में पहचान न मिल पाना

(A) केवल (i) (B) केवल (iii)

(C) केवल (ii) और (iii) (D) केवल (i) और (ii)

उत्तर

(B) केवल (iii)

व्याख्या काव्यांश में कवि निराला अपनी पुत्री सरोज की असमय मृत्यु और पत्नी के वियोग के कारण स्वयं को ‘भाग्यहीन’ कहते हैं। साहित्यिक पहचान न मिल पाना इस काव्यांश में व्यक्त शोक का कारण नहीं है।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (II) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। [1] कथन : ‘वह लता वहीं की, जहाँ कली’ पंक्ति में कवि अपनी पत्नी और पुत्री के विषय में बात कर रहे हैं। कारण : कवि अपनी पत्नी और पुत्री के निधन से व्याकुल हैं; पुत्री सरोज का पालन-पोषण और मृत्यु उसके ननिहाल में हुई थी।

(A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।

(C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है। (D) कथन सही है, किंतु कारण उसकी उचित व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर

(C) कथन सही है और कारण उसकी उचित व्याख्या करता है।

व्याख्या ‘लता’ और ‘कली’ क्रमशः पत्नी और पुत्री के लिए प्रयुक्त रूपक हैं। सरोज का पालन-पोषण तथा अंत भी ननिहाल में ही हुआ - यही बात ‘वहीं की… उसी गोद में शरण ली’ से स्पष्ट होती है। अतः कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (III) प्रस्तुत पंक्तियों का मूल भाव है - [1]

(A) क्रोध (B) घृणा

(C) शांत (D) करुणा

उत्तर

(D) करुणा

व्याख्या पुत्री-वियोग से उपजी पीड़ा, तर्पण और आत्म-ग्लानि के कारण समूचे काव्यांश में करुण रस की प्रधानता है।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (IV) अपने सभी कार्यों के भ्रष्ट होने की तुलना कवि द्वारा की जा रही है - [1]

(A) अतिवृष्टि में नष्ट हो चुके कमलों से (B) शीत के प्रकोप से नष्ट हो चुकी फ़सलों से

(C) सर्दी के प्रकोप से खराब हो चुके कमलों से (D) वज्रपात होने के कारण खराब हो चुकी फ़सलों से

उत्तर

(C) सर्दी के प्रकोप से खराब हो चुके कमलों से

व्याख्या ‘मेरे कार्य सकल हो भ्रष्ट शीत के -से शतदल’ - अर्थात् जैसे पाले से कमल मुरझाकर नष्ट हो जाते हैं, वैसे ही कवि के समस्त कर्म निष्फल हो जाएँ । ‘शतदल’ कमल का पर्याय है, फ़सल का नहीं।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (V) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन काव्यांश के आधार पर सही है - [1]

(A) सरोज का पालन-पोषण ननिहाल में हुआ था। (B) पुत्री सरोज की शिक्षा एवं आचरण शकुं तला से अलग था।

(C) दुख की घड़ी में कवि धर्म का अंतर भूल जाना चाहते थे। (D) कवि अपने अच्छे कर्मों को पुत्री के लिए अर्पित करना चाहते थे।

उत्तर

(D) कवि अपने अच्छे कर्मों को पुत्री के लिए अर्पित करना चाहते थे।

व्याख्या अंतिम पंक्ति ‘कन्ये, गत कर्मों का अर्पण कर, करता मैं तेरा तर्पण!’ में कवि अपने समस्त पूर्व-कर्मों को पुत्री के तर्पण-स्वरूप अर्पित करते हैं। यही कथन काव्यांश से सीधे प्रमाणित होता है।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक।

Q82 × 2 = 4 अंककाव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए - (I) कवि द्वारा दीप को ‘गर्व भरा’ और ‘मदमाता’ कहने का औचित्य स्पष्ट कीजिए। [2]Tap to view answer and marking scheme

उत्तर

• दीप तेल से भरा होता है और उसकी लौ गर्व से तनी रहती है; वह अपने बल पर प्रकाश देता है - इसी से वह ‘गर्व भरा’ और ‘मदमाता’ है।

• यहाँ दीपक अकेले व्यक्ति का प्रतीक है; व्यक्ति में भी स्नेह, गर्व और अहंकार के भाव होते हैं।

• वह संपन्न तो है, पर इस दशा में अके ला है - इसलिए कवि उसे समूह में मिल जाने का संदेश देते हैं।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक। (II) ‘तोड़ो’ कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि निर्माण से पूर्व तोड़ने की प्रक्रिया आवश्यक है। [2]

उत्तर

• पुराने को हटाना ज़रूरी - समाज में व्याप्त कु रीतियों, रूढ़ियों और झूठे बंधनों को तोड़े बिना नया कुछ नहीं रचा जा सकता।

• नए की शुरुआत - तोड़ने की प्रक्रिया नए सृजन, प्रगति और स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त करती है।

• सकारात्मक परिवर्तन - पुराने विचारों और अवधारणाओं को तोड़कर ही नए एवं सक्रिय विचारों को स्थान मिलता है।

• कवि रघुवीर सहाय सृजन के आकांक्षी हैं और नवनिर्माण की प्रेरणा देते हैं।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक। (III) घनानंद द्वारा सुजान को दिए जा रहे संदेश की मार्मिकता स्पष्ट कीजिए। [2]

उत्तर

• कवि घनानंद मृत्यु की निकटता में भी प्रिया सुजान की राह देखते हैं - यही प्रतीक्षा संदेश को मार्मिक बनाती है।

• सुजान से मिलने की उत्कं ठा इतनी तीव्र है कि वियोग में मरने-सी स्थिति हो गई है; प्रेम की यह एकनिष्ठता और पीड़ा ही संदेश की मार्मिकता है।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक।

Q96 अंकनिम्नलिखित काव्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या लगभग 100 शब्दों में कीजिए। (I) भूपति मरन पेम पनु राखी। जननी कु मति जगतु सबु साखी॥ देखि न जाहिं बिकल महतारीं। जरहिं दुसह जर पुर नर नारीं॥ महीं सकल अनरथ कर मूला। सो सुनि समुझि सहिउँ सब सूला॥...Tap to view answer and marking scheme

निम्नलिखित काव्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या लगभग 100 शब्दों में कीजिए। (I) भूपति मरन पेम पनु राखी। जननी कु मति जगतु सबु साखी॥ देखि न जाहिं बिकल महतारीं। जरहिं दुसह जर पुर नर नारीं॥ महीं सकल अनरथ कर मूला। सो सुनि समुझि सहिउँ सब सूला॥ सुनि बन गवनु कीन्ह रघुनाथा। करि मुनि बेष लखन सिय साथा॥ बिन पानहिन्ह पयादेहि पाएँ । संकरु साखि रहेउँ ऐहि घाएँ ॥ बहुरि निहारि निषाद सनेहू। कुलिस कठिन उर भयउ न बेहू॥ अब सबु आँ खिन्ह देखेउँ आई। जिअत जीव जड़ सबइ सहाई॥ जिन्हहि निरखि मग साँ पिनि बीछी। तजहिं बिषम बिषु तापस तीछी॥ तेइ रघुनंदनु लखनु सिय अनहित लागे जाहि। तासु तनय तजि दुसह दुख दैउ सहावइ काहि॥

अथवा (II) अरुण यह मधुमय देश हमारा। जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा॥ सरल तामरस गर्भ विभा पर, नाच रही तरुशिखा मनोहर। छिटका जीवन हरियाली पर, मंगल कुं कु म सारा॥ लघु सुरधनु से पंख पसारे, शीतल मलय समीर सहारे। उड़ते खग जिस ओर मुँह किए, समझ नीड़ निज प्यारा॥ बरसाती आँ खों के बादल, बनते जहाँ भरे करुणा जल। लहरें टकराती अनंत की, पाकर जहाँ किनारा॥ हेम कुं भ ले उषा सवेरे, भरती ढुलकाती सुख मेरे। मदिर ऊँ घते रहते जब, जगकर रजनी भर तारा॥

उत्तर

(I) सप्रसंग व्याख्या संदर्भ प्रस्तुत पंक्तियाँ गोस्वामी तुलसीदास रचित ‘रामचरितमानस’ (अयोध्याकांड) से संकलित पाठ ‘भरत-राम का प्रेम’ से ली गई हैं। प्रसंग चित्रकू ट में राम से मिलने पर भरत अपने हृदय की व्यथा प्रकट कर रहे हैं। वे स्वयं को समस्त अनर्थों का मूल मानकर आत्म-ग्लानि से भरे हुए हैं।

व्याख्या भरत कहते हैं कि पिता दशरथ ने प्रेम की प्रतिज्ञा निभाने के लिए प्राण त्याग दिए; माता की कु बुद्धि का समस्त संसार साक्षी है। माताओं की व्याकुलता देखी नहीं जाती और नगर के नर-नारी असह्य संताप में जल रहे हैं। इन सब अनर्थों का मूल मैं ही हूँ - यह सुनकर और समझकर भी मैंने सारी पीड़ा सह ली। राम ने मुनि-वेश धारण कर, लक्ष्मण और सीता के साथ, बिना जूतों के नंगे पाँव वन-गमन किया; शंकर साक्षी हैं कि इस आघात के बाद भी मैं जीवित रह गया। फिर निषाद का स्नेह देखकर भी मेरा वज्र-सा कठोर हृदय नहीं फटा। अब आकर सब कुछ अपनी आँ खों से देख लिया - जड़ जीव जीते-जी सब कुछ सह ही लेता है। जिनके दर्शन मात्र से मार्ग की साँ पिन और बिच्छू तक अपना तीव्र विष त्याग देते हैं, वही राम, लक्ष्मण और सीता जिसे अहितकर लगे, उस कै के यी के पुत्र को छोड़कर विधाता यह दुःसह दुख और किसे सहाएगा। विशेष भाषा अवधी; दोहा-चौपाई छंद; करुण रस की प्रधानता; अनुप्रास एवं उपमा अलंकार; भरत के आत्म-धिक्कार और राम-प्रेम का मार्मिक चित्रण।

उत्तर

(II) सप्रसंग व्याख्या संदर्भ प्रस्तुत पंक्तियाँ जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित नाटक ‘चंद्रगुप्त’ के गीत ‘कार्नेलिया का गीत’ से ली गई हैं, जो पाठ्यपुस्तक ‘अंतरा’ में संकलित है। प्रसंग यूनानी कन्या कार्नेलिया भारत के प्राकृ तिक सौंदर्य और यहाँ की सरलता से अभिभूत होकर इस देश की प्रशंसा में यह गीत गाती है।

व्याख्या कवि कहते हैं कि हमारा यह देश अरुणिम आभा से युक्त और मधु के समान मधुर है; यहाँ पहुँचकर अनजान क्षितिज को भी एक सहारा मिल जाता है। कोमल कमल के गर्भ-सी आभा पर वृक्षों की मनोहर शिखाएँ नाच रही हैं और हरियाली पर जीवन का मंगलमय कुं कु म बिखरा हुआ है। पक्षी छोटे इंद्रधनुष-से पंख फैलाकर शीतल मलय-समीर के सहारे जिस ओर मुँह कर उड़ते हैं, उसी दिशा को अपना प्यारा घोंसला समझ लेते हैं। यहाँ आँ खों के बादल करुणा-जल से भरकर बरसते हैं और अनंत की लहरें किनारा पाकर टकराती हैं। उषा सवेरे स्वर्ण-कलश लेकर सुख ढुलकाती है, जबकि रातभर जागकर तारे मदभरी नींद में ऊँ घते रहते हैं। विशेष छायावादी शैली; तत्सम-बहुल कोमलकांत पदावली; मानवीकरण एवं रूपक अलंकार; चित्रात्मकता और संगीतात्मकता; देश-प्रेम की भावना।

अंक योजना संदर्भ (कवि एवं कविता का नाम) 1 अंक + प्रसंग (पूर्वापर संबंध) 1 अंक + व्याख्या 3 अंक + विशेष 1 अंक = 6 अंक। केवल एक काव्यांश की व्याख्या अपेक्षित है।

Q105 × 1 = 5 अंकनिम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए - शिवालिक की इस अनत्युच्च पर्वत शृंखला की भाँति रामगिरि पर भी उस समय और कोई फूल नहीं मिला होगा। कुटज ने उनके संतृप्त चित को सहारा दिया था - बड़भागी...Tap to view answer and marking scheme

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए - शिवालिक की इस अनत्युच्च पर्वत शृंखला की भाँति रामगिरि पर भी उस समय और कोई फूल नहीं मिला होगा। कुटज ने उनके संतृप्त चित को सहारा दिया था - बड़भागी फूल है यह! धन्य हो कुटज, तुम ‘गाढ़े के साथी’ हो। उत्तर की ओर सिर उठाकर देखता हूँ, सुदूर तक ऊँ ची काली पर्वत शृंखला छाई हुई है और एकाध सफ़े द बादल के बच्चे उससे लिपटे खेल रहे हैं। मैं भी इन पुष्पों का अर्घ्य उन्हें चढ़ा दूँ। पर काहे वास्ते? लेकिन बुरा भी क्या है? कुटज के ये सुंदर फूल बहुत बुरे तो नहीं हैं। जो कालिदास के काम आया हो उसे ज़्यादा इज्ज़त मिलनी चाहिए। मिली कम है। पर इज्ज़त तो नसीब की बात है। रहीम को मैं बड़े आदर के साथ स्मरण करता हूँ। दरियादिल आदमी थे, पाया सो लुटाया। लेकिन दुनिया है कि मतलब से मतलब है, रस चूस लेती है, छिलका और गुठली फें क देती है। सुना है, रस चूस लेने के बाद रहीम को भी फेंक दिया गया था। एक बादशाह ने आदर के साथ बुलाया, दूसरे ने फेंक दिया! हुआ ही करता है। इससे रहीम का मोल घट नहीं जाता। उनकी फक्कड़ाना मस्ती कहीं गई नहीं। अच्छे-भले कद्रदान थे। लेकिन बड़े लोगों पर भी कभी-कभी ऐसी वितृष्णा सवार होती है कि गलती कर बैठते हैं। मन खराब रहा होगा, लोगों की बेरुखी और बेकद्रदानी से मुरझा गए होंगे - ऐसी ही मनःस्थिति में उन्होंने बिचारे कुटज को भी एक चपत लगा दी। (I) ‘अनत्युच्च पर्वत शृंखला’ का अर्थ है - [1]

(A) ऊँचा (B) बहुत ऊँचा

(C) सबसे ऊँ चा (D) सामान्य ऊँचा

उत्तर

(D) सामान्य ऊँचा

व्याख्या ‘अनत्युच्च’ = अन् + अति + उच्च, अर्थात् ‘जो बहुत ऊँचा न हो’ - सामान्य ऊँ चाई वाला।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (II) कुटज ‘गाढ़े का साथी’ से अभिप्राय है - [1]

(A) बंजर में उगने वाला (B) गरीबी में साथ देने वाला

(C) प्रकृति का साथ निभाने वाला (D) कठिन समय में साथ निभाने वाला

उत्तर

(D) कठिन समय में साथ निभाने वाला

व्याख्या ‘गाढ़ा समय’ अर्थात् संकट का समय। रामगिरि के निर्जन, कठिन परिवेश में जब और कोई फूल नहीं था, तब कुटज ने ही संतप्त चित्त को सहारा दिया - इसी कारण वह ‘गाढ़े का साथी’ कहलाया।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (III) “इज़्ज़त तो नसीब की बात है” - इस पंक्ति के माध्यम से लेखक कहना चाहते हैं कि इज़्ज़त ……… से मिलती है। [1]

(A) धन (B) प्रकृति

(C) भाग्य (D) मेहनत

उत्तर

(C) भाग्य

व्याख्या ‘नसीब’ का अर्थ ही भाग्य है। लेखक कहते हैं कि योग्यता होने पर भी सम्मान मिलना या न मिलना भाग्य पर निर्भर करता है - कुटज और रहीम दोनों इसके उदाहरण हैं।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (IV) “दुनिया है कि मतलब से मतलब है, रस चूस लेती है, छिलका और गुठली फें क देती है” - कथन से लेखक का कहना है कि - [1]

(A) दुनिया लाभ देखती है। (B) संसार फल की इच्छा रखता है।

(C) संसार में स्वार्थ की पराकाष्ठा है। (D) लोग वस्तु का उपयोग कर उसे भूल जाते हैं।

उत्तर

(D) लोग वस्तु का उपयोग कर उसे भूल जाते हैं।

व्याख्या रस चूसकर छिलका और गुठली फें क देने का रूपक यही बताता है कि लोग किसी व्यक्ति या वस्तु से काम निकल जाने के बाद उसे भुला देते हैं - रहीम के साथ भी यही हुआ।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक। (V) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। [1] कथन : कुटज की तुलना रहीम से करना उचित है। कारण : दोनों ने अपनी स्वतंत्रता और उदारता को महत्वपूर्ण माना।

(C) कथन सही है, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं। कारण कथन की सही व्याख्या है।

उत्तर

(D) कथन और कारण दोनों सही हैं। कारण कथन की सही व्याख्या है।

व्याख्या कुटज विषम परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बना रहता है; रहीम भी ‘पाया सो लुटाया’ की उदारता तथा फक्कड़ाना मस्ती के लिए प्रसिद्ध थे। स्वतंत्रता और उदारता - यही समान गुण तुलना को उचित ठहराते हैं।

अंक योजना सही विकल्प के लिए 1 अंक।

Q112 × 2 = 4 अंकगद्य खंड पर आधारित तीन में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए - (I) ‘पाठशाला के वार्षिकोत्सव में बालक की भावनाओं के अतिरिक्त सब कुछ था।’ ‘सुमिरिनी के मनके ’ पाठ के आधार पर कथन पर विचार लिखिए। [2]Tap to view answer and marking scheme

उत्तर

• बालक से उसकी उम्र और योग्यता से कहीं बढ़-चढ़कर प्रश्न पूछे जा रहे थे, जिनका उसकी समझ से कोई संबंध नहीं था।

• अध्यापकों का उद्देश्य प्रधानाध्यापक एवं अतिथियों को प्रसन्न करना तथा अपने अहं की संतुष्टि करना था।

• पूरा आयोजन अपने विद्यालय की शिक्षण-प्रणाली को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध करने के लिए था; बालक की अपनी भावनाओं और रुचि का कहीं कोई स्थान नहीं था।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक।

(A) कथाना गल <, किंक 5 क रण स <। (B) कथाना और क रण दी!ना 7 गल 3। (II) यास्सेर अराफ़ात के आतिथ्य के किन्हीं दो उदाहरणों का उल्लेख पाठ के आधार पर कीजिए। [2]

उत्तर

• उन्होंने अपने हाथों से फल छीलकर लेखक को खिलाया।

• वे गुसलखाने के बाहर तौलिया लेकर स्वयं खड़े रहे।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त उदाहरणों के लिए 1 + 1 = 2 अंक। पाठ पर आधारित अन्य उपयुक्त उदाहरण भी स्वीकार्य। (III) संभव का युवती के प्रति आकर्षण युवा होते मन का आकर्षण है। कैसे? [2]

उत्तर

• यह आकर्षण संभव की अधूरी इच्छाओं, खोए हुए सपनों और भीतर दबी भावनाओं को एक नई दिशा देता है।

• यह देह-कें द्रित न होकर कौतूहल, कल्पना और भावनात्मक जुड़ाव से उपजा है - किशोर से युवा होते मन की यह स्वाभाविक अवस्था है।

अंक योजना किन्हीं दो उपयुक्त बिंदुओं के लिए 1 + 1 = 2 अंक।

Q126 अंकनिम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या लगभग 100 शब्दों में लिखिए। (I) हरगोबिन को अचरज हुआ - तो आज भी किसी को संवदिया की ज़रूरत पड़ सकती है। इस ज़माने में जबकि गाँ व-गाँव में डाकघर खुल गए हैं, संवदिया के मारफ़त संवाद क्यों भेजेगा...Tap to view answer and marking scheme

निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या लगभग 100 शब्दों में लिखिए। (I) हरगोबिन को अचरज हुआ - तो आज भी किसी को संवदिया की ज़रूरत पड़ सकती है। इस ज़माने में जबकि गाँ व-गाँव में डाकघर खुल गए हैं, संवदिया के मारफ़त संवाद क्यों भेजेगा कोई? आज तो आदमी घर बैठे ही लंका तक खबर भेज सकता है और वहाँ का कुशल संवाद मँगा सकता है। फिर उसकी बुलाहट क्यों हुई?

हरगोबिन बड़ी हवेली की टूटी ड्योढ़ी पारकर अंदर गया। सदा की भाँति उसने वातावरण को सूँघकर संवाद का अंदाज़ लगाया।… निश्चय ही कोई गुप्त समाचार ले जाना है। चाँ द-सूरज को भी नहीं मालूम हो। परेवा-पंछी तक न जाने।

अथवा (II) ये लोग आधुनिक भारत के नए ‘शरणार्थी’ हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है। प्रकृति और इतिहास के बीच गहरा अंतर है। बाढ़ या भूकं प के कारण लोग अपना घरबार छोड़कर कुछ अरसे के लिए बाहर चले जाते हैं, किंतु आफत टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं। किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर अपने घर वापस नहीं लौट सकते। आधुनिक औद्योगीकरण की आँ धी में सिर्फ़ मनुष्य ही नहीं उखड़ता, बल्कि उसका परिवेश और आवास स्थल भी हमेशा के लिए नष्ट हो जाते हैं।

उत्तर

(I) सप्रसंग व्याख्या संदर्भ प्रस्तुत गद्यांश फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ द्वारा रचित कहानी ‘संवदिया’ से लिया गया है, जो पाठ्यपुस्तक ‘अंतरा’ में संकलित है। प्रसंग बड़ी हवेली की बड़ी बहुरिया ने संदेश पहुँचाने के लिए हरगोबिन को बुलवाया है। बुलावे का कारण न जानते हुए हरगोबिन हवेली पहुँचता है और मन-ही-मन अनुमान लगाता है।

व्याख्या हरगोबिन को आश्चर्य होता है कि आज के युग में भी किसी को संवदिया की आवश्यकता पड़ सकती है। अब तो गाँ व-गाँव में डाकघर खुल गए हैं और मनुष्य घर बैठे दूर-दूर तक समाचार भेज और मँगा सकता है; फिर उसे क्यों बुलाया गया? बड़ी हवेली की टूटी ड्योढ़ी पार कर वह भीतर जाता है और अपनी पुरानी आदत के अनुसार वातावरण को ‘सूँघकर’ ही संदेश की प्रकृ ति का अनुमान लगा लेता है। उसे निश्चय हो जाता है कि कोई अत्यंत गुप्त समाचार ले जाना है - ऐसा गुप्त, जिसकी भनक चाँ द-सूरज और पक्षियों तक को न लगे। विशेष आंचलिक एवं सहज बोलचाल की भाषा; मुहावरेदार प्रयोग (‘वातावरण को सूँघकर’); ग्रामीण परिवेश का जीवंत चित्रण; उत्सुकता एवं रहस्य का सृजन; पुरानी परंपरा और नए युग का द्वंद्व।

उत्तर

(II) सप्रसंग व्याख्या संदर्भ प्रस्तुत गद्यांश निर्मल वर्मा द्वारा लिखित निबंध ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ से लिया गया है, जो पाठ्यपुस्तक ‘अंतरा’ में संकलित है। प्रसंग लेखक औद्योगीकरण और विकास-परियोजनाओं के कारण अपने घर-गाँव से उजाड़े गए आदिवासियों और ग्रामीणों की पीड़ा पर विचार कर रहे हैं।

व्याख्या लेखक कहते हैं कि ये विस्थापित लोग आधुनिक भारत के नए ‘शरणार्थी’ हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के तूफ़ान ने घर और ज़मीन से उखाड़कर सदा के लिए निर्वासित कर दिया है। वे प्राकृ तिक आपदा और ऐतिहासिक उजाड़ में गहरा अंतर बताते हैं - बाढ़ या भूकं प में लोग कुछ समय के लिए घर छोड़ते हैं और विपत्ति टलते ही अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट आते हैं; किंतु जब विकास और प्रगति के नाम पर इतिहास लोगों को जड़ से उखाड़ देता है, तब लौटने का कोई रास्ता शेष नहीं रहता। औद्योगीकरण की आँ धी में केवल मनुष्य ही नहीं उजड़ता, उसका समूचा परिवेश और आवास-स्थल भी सदा के लिए नष्ट हो जाता है। विशेष विचारप्रधान एवं चिंतनपरक निबंध-शैली; ‘शरणार्थी’ और ‘झंझावात’ जैसे सशक्त प्रतीक; प्रकृति बनाम इतिहास का तुलनात्मक विश्लेषण; विकास की कीमत पर उठा मानवीय प्रश्न।

अंक योजना संदर्भ (पाठ एवं लेखक का नाम) 1 अंक + प्रसंग (पूर्वापर संबंध) 1 अंक + व्याख्या 3 अंक + विशेष 1 अंक = 6 अंक। केवल एक गद्यांश की व्याख्या अपेक्षित है।

Q132 × 5 = 10 अंकनिम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए। (I) ‘सूरदास की झोपड़ी’ पाठ में सूरदास की लाचारी और संघर्ष के साथ उसकी जिजीविषा का चित्रण हुआ है। कथन के आलोक में अपने विचार लिखिए। [5]Tap to view answer and marking scheme

उत्तर लाचारी

• आर्थिक तंगी, समाज की उपेक्षा और दृष्टिहीनता के कारण शारीरिक असहायता - सूरदास की लाचारी के तीन मुख्य आयाम हैं।

• झोपड़ी जल जाने पर उसके पास न आश्रय बचता है, न वर्षों की बचत - फिर भी कोई उसकी सुध नहीं लेता। संकल्प और संघर्ष

• सूरदास जानता है कि उसकी झोपड़ी में आग भैरव ने लगाई है, फिर भी वह बदला लेने के बजाय अपने विश्वास और भक्ति पर अडिग रहता है।

• वह हार मानकर बैठता नहीं, बल्कि पुनः झोपड़ी बनाने में जुट जाता है। जिजीविषा

• भक्ति और ईश्वर पर अटूट विश्वास ही उसकी शक्ति का स्रोत है।

• सक्रियता, कर्मशीलता और दृढ़ संकल्प - वह संघर्षों के बीच भी गीत गाता है।

• हर कठिनाई में जीवन का उत्सव खोज लेना ही उसकी जिजीविषा को असाधारण बनाता है; यही प्रेमचंद की मानवीय दृष्टि का प्रमाण है।

अंक योजना विषयवस्तु 3 अंक + भाषा 1 अंक + प्रस्तुति 1 अंक = 5 अंक। (II) ‘प्रकृति सजीव नारी बन गई’ - इस कथन के संदर्भ में लेखक की प्रकृ ति, नारी और सौंदर्य संबंधी मान्यताएँ ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। [5]

उत्तर प्रकृति और नारी का एकीकरण

• लेखक प्रकृति को एक सजीव और संवेदनशील इकाई मानते हैं, जो उनके अनुभव में नारी के रूप में प्रकट होती है।

• जो स्त्री लेखक के मन पर गहरा प्रभाव डालती है, वह स्वयं प्रकृ ति का प्रतीक बन जाती है।

• बिसनाथ को वह स्त्री केवल स्त्री के रूप में नहीं, बल्कि जूही की लता पर बिखरी चाँ दनी के रूप में दिखाई देती है, जिसके फूलों की सुगंध चारों ओर फैली है। सौंदर्य संबंधी मान्यता

• लेखक के लिए सौंदर्य प्रकृति की सुंदरता और नारी के आकर्षण का मिश्रण है।

• वे नारी के सौंदर्य को प्रकृ ति के सौंदर्य के रूप में ही देखते हैं - दोनों एक-दूसरे के पर्याय बन जाते हैं।

• सौंदर्य उनके लिए बौद्धिक धारणा नहीं, एक सजीव अनुभव है, जो प्रकृ ति और नारी के एकीकरण से उत्पन्न होता है।

अंक योजना विषयवस्तु 3 अंक + भाषा 1 अंक + प्रस्तुति 1 अंक = 5 अंक। (III) ‘मालव धरती गहन गंभीर, डग-डग रोटी पग-पग नीर’ कथन मालवा की विशेषता को दर्शाता है। सोदाहरण सिद्ध कीजिए। [5]

उत्तर

• लेखक प्रभाष जोशी ने मालवा प्रदेश की विशेषता दर्शाने के लिए इस प्रसिद्ध कहावत का प्रयोग किया है।

• ‘गहन गंभीर’ - मालवा की धरती उपजाऊ और गहरी है; यही उपजाऊपन उसकी समृद्धि और संपन्नता का परिचायक है।

• ‘डग-डग रोटी’ - अर्थात् पग-पग पर अन्न की उपलब्धता; यहाँ कोई भूखा नहीं रहता।

• ‘पग-पग नीर’ - कहावत मालवा में जल की प्रचुरता को दर्शाती है, जो यहाँ के जनजीवन और संस्कृति के लिए अनिवार्य रही है।

• उदाहरण - मालवा में विक्रमादित्य, भोज और मुंज जैसे राजा हुए, जो यूरोप के रिनेसाँ से बहुत पहले हो चुके थे।

• ये राजा जल के रख-रखाव के प्रति अत्यंत सतर्क थे; उन्होंने तालाब और बावड़ियाँ बनवाकर बरसात के पानी को रोककर रखा - इसी दूरदर्शिता से मालवा ‘पग-पग नीर’ बना रहा।

अंक योजना विषयवस्तु 3 अंक + भाषा 1 अंक + प्रस्तुति 1 अंक = 5 अंक।

From the Marking Scheme

Where Students Lose Marks in Class 12 Hindi Elective

The marking scheme of the cbse hindi elective sample paper class 12 shows clear patterns in where marks slip away.

  • काव्यांश की व्याख्या में संदर्भ, प्रसंग और भाव लिखें। हर हिस्से के अंक अलग हैं।
  • अंतराल के पाठों का सार याद रखें। लंबे उत्तरों में यही काम आता है।
  • माध्यम लेखन का प्रारूप सीखें। फ़ीचर, आलेख और रिपोर्ट के प्रारूप तय हैं।
  • Practise in 3 hours. Solve first, then check every answer here.
Keep Practising

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Solving one sample paper is a start. Regular timed tests and quick concept revision are what turn practice into marks.

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FAQs on Cbse hindi elective sample paper class 12

You can download it free from this page. Tap Download Solutions PDF near the top to get all 13 solved questions with the marking scheme.
Yes. The questions are from the official CBSE Class 12 Hindi Elective (002) sample paper for 2026-27, and the solutions are prepared by Competishun.
The paper has 13 questions for 80 marks, and the time allowed is 3 hours.
Yes. Every answer in the PDF shows the marking scheme, so you can see where each mark is given.
No. CBSE has stated that there is no change in the question paper design and assessment pattern for the 2026-27 session.
The question papers for all subjects are on our CBSE Class 12 sample paper 2026-27 page, linked on this page.

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