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CBSE Hindi A Sample Paper Class 10 2026-27 with Solutions PDF: Course A Answers & Marking Scheme

By Rohit Gupta Oct 04, 2026 7 min read
CBSE Hindi A Sample Paper Class 10 2026-27 with Solutions
Official CBSE Sample Paper 2026-27 · Solved by Competishun

CBSE Hindi A Sample Paper Class 10 2026-27 with Solutions PDF: Course A Answers & Marking Scheme

All 15 questions of the CBSE Class 10 Hindi A (002) sample paper solved with answers, explanations and the marking scheme. Read online or download the free PDF.

15Questions Solved
80Theory Marks
3 HrsDuration
002Subject Code
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Looking for the CBSE Hindi A sample paper class 10 with complete solutions? This page solves every question of the official CBSE Class 10 Hindi Course A (002) sample paper for 2026-27, with the answer, explanation and marking scheme for each question.

हिंदी में अंक केवल सही उत्तर से नहीं, बल्कि सही प्रस्तुति से भी मिलते हैं। पत्र का प्रारूप, अनुच्छेद की संरचना और व्याकरण के प्रश्नों में सटीक उत्तर, इन सब के अंक अलग से दिए जाते हैं। नीचे दिए गए हल इसी अंक योजना के अनुसार लिखे गए हैं।

The paper has four sections: अपठित बोध, व्याकरण, पाठ्यपुस्तक (क्षितिज and कृतिका) and रचनात्मक लेखन. You can read all answers below or download the complete Hindi A solutions as a free PDF.

Quick answer: The cbse hindi a sample paper class 10 for 2026-27 is available on this page as a free PDF and as question-by-question solutions below. It covers all 15 questions for 80 marks, with the answer, explanation and marking scheme for each. The question paper itself is on our CBSE Class 10 sample paper 2026-27 page.
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cbse hindi a sample paper class 10 2026-27 PDF first page

CBSE Class 10 Hindi A Sample Paper 2026-27: Complete Solutions

  • All 15 questions solved, including internal choices
  • Step-wise marking scheme for every answer
  • Clear explanations in simple language
  • Free, no login, works on mobile
Download Solutions PDF Question Paper
Paper Pattern

Hindi A Sample Paper 2026-27 Pattern: Sections and Marks

Before you check the solutions, see how the Hindi A paper is built. CBSE has stated that there is no change in the question paper design for the 2026-27 session.

SectionQuestionsQuestion TypesMarks
क: अपठित बोध1 और 2अपठित गद्यांश और काव्यांश14
ख: व्याकरण3 से 6वाक्य, वाच्य, पद परिचय, अलंकार16
ग: पाठ्यपुस्तक7 से 11क्षितिज और कृतिका30
घ: रचनात्मक लेखन12 से 15अनुच्छेद, पत्र, स्ववृत्त/ईमेल, विज्ञापन/संदेश20
Total15Duration: 3 hours80

Official source: CBSE Academic, Sample Question Papers Class X 2026-27.

How These Hindi A Sample Paper Solutions Are Written

Each question below opens into a full solution. Here is what you will find inside every answer, and how to use it.

Answer

The correct option or the complete written answer, exactly as you should write it in the exam.

Explanation

Why the answer is correct, with the concept or steps behind it, so you can solve similar questions.

Marking Scheme

Where each mark is given, so you know which step or point the examiner looks for.

Best way to use this page: attempt the full paper first in 3 hours with a timer, then open each question here and compare your answer with the solution and the marking scheme. Questions that use a diagram, graph or map show the figure in the PDF.
General instructions of the paper

प्रश्न, उत्तर एवं अंक योजना

सामान्य निर्देश

•निम्नलिखित निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका सख्ती से अनुपालन कीजिए:

•इस प्रश्न पत्र में कुल 15 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

•यह प्रश्न पत्र चार खंडों में विभाजित है - क, ख, ग और घ।

•खंड - क में अपठित बोध पर आधारित कुल 2 प्रश्न हैं, जिनमें उप प्रश्नों की संख्या 10 है।

•खंड - ख में व्यावहारिक व्याकरण पर आधारित कुल 4 प्रश्न हैं, जिनमें उप प्रश्नों की संख्या 20 है। प्रश्नों में विकल्प दिए गए हैं।

•खंड -ग में पाठ्य पुस्तक और पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित कुल 5 प्रश्न हैं, जिनमें उप प्रश्नों की संख्या 21 है। प्रश्नों में विकल्प दिए गए हैं।

•खंड - घ में रचनात्मक लेखन पर आधारित कुल 4 प्रश्न हैं। प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।

•प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए लिखिए।

•यथासंभव चारों खंडों के प्रश्नों के उत्तर क्रमशः लिखिए।

( अपठित बोध )14 अंक

Hindi A Sample Paper Solutions: खंड क: अपठित बोध (प्रश्न 1 और 2)

Q17 अंकनिम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

“एक छोटा कदम एक इंसान के लिए, लेकिन एक बड़ी छलांग मानवता के लिए”- यह शब्द नील आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर कदम रखते हुए कहे थे। आज वही भावना भारतवासियों के मन में तब जगी जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखा। यह क्षण केवल भारत की अंतरिक्ष वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देश की अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान, आत्मनिर्भरता और युवाओं की प्रेरणा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने और नई तकनीकों का विकास करने के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

27 जून 2025 को स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च होने के बाद, शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम ने 18 दिन आईएसएस पर बिताए। इस दौरान, उन्होंने माइक्रोग्रैविटी में 20 से अधिक विविध प्रयोग किए।

भारत ने अंतरिक्ष की यात्रा 1969 में इसरो की स्थापना से शुरू की थी। 1984 में राकेश शर्मा सोवियत अंतरिक्षयान के जरिए अंतरिक्ष में गए। राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की, जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष समुदाय में भारत की बढ़ती साख को मजबूत करती है। अब 2025 में शुभांशु शुक्ला का आईएसएस पर पहुँचना इस बात का संकेत है कि भारत अब ‘मानव अंतरिक्ष युग’ में प्रवेश कर चुका है और यह भारत के हर युवा, वैज्ञानिक और नागरिक की उम्मीदों की उड़ान है। इस मिशन ने देश के लाखों बच्चों और युवाओं के मन में ‘मैं’ भी कर सकता हूँ की भावना जगाई है।

स्रोत - विज्ञान प्रगति (मासिक पत्रिका)

(I)उपर्युक्त गद्यांश में किस विषय पर चर्चा की गई है?   [1 अंक]

(A)नील आर्मस्ट्रांग के चंद्रमा पर कदम रखने पर

(B)भारत के स्वर्णिम अंतरिक्ष अध्याय पर

(C)अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने पर

(D)शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम पर

उत्तर एवं व्याख्या

(B) भारत के स्वर्णिम अंतरिक्ष अध्याय पर

सही विकल्प B है क्योंकि गद्यांश में कैप्टन शुभांशु शुक्ला के माध्यम से भारत की वर्तमान अंतरिक्ष उपलब्धि पर चर्चा की गई है।

(II)निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए :   [1 अंक]

कथन : “एक छोटा कदम एक इंसान के लिए, लेकिन एक बड़ी छलांग मानवता के लिए।”

कारण : यह कदम विज्ञान, प्रौद्योगिकी और मानव अन्वेषण के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है।

विकल्प -

(A)कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।

(B)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।

(C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर एवं व्याख्या

(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है

सही विकल्प C है

कथन - ये शब्द नील आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर कदम रखते हुए कहे थे।

कारण कथन की सही व्याख्या करता है क्योंकि यह सफ़लता मानवता के उत्थान से जुड़ी है।

(III)भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखा। यह क्षण भारत के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण साबित हुआ ?   [1 अंक]

सही विकल्प / विकल्पों का चयन कीजिए :

(i)आर्थिक आत्मनिर्भरता

(ii)युवाओं के लिए प्रेरणा

(iii)अंतरिक्ष विज्ञान में नई उपलब्धि

(iv)अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान

विकल्प -

(A)कथन (i) और (ii) सही हैं

(B)केवल कथन (iii) सही है

(C)कथन (i) और (iv) सही हैं

(D)कथन (ii), (iii) और (iv) सही हैं

उत्तर एवं व्याख्या

(D) कथन (ii), (iii) और (iv) सही हैं

सही विकल्प D है। कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखा, यह भारत की अंतरिक्ष विज्ञान में उपलब्धि है और इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान भी बनी है। यह मिशन युवाओं को प्रेरणा देने वाला भी है।

(IV)‘भारत अब ‘मानव अंतरिक्ष युग’ में प्रवेश कर चुका है।’ गद्यांश के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए।   [2 अंक]

उत्तर

•भारत ने अंतरिक्ष की यात्रा 1969 में इसरो की स्थापना से शुरू की थी।

•1984 में राकेश शर्मा सोवियत अंतरिक्षयान के जरिए अंतरिक्ष में गए।

•राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की।

•2025 में शुभांशु शुक्ला का आईएसएस पर पहुँचना इस बात का संकेत है कि भारत अब ‘मानव अंतरिक्ष युग’ में प्रवेश कर चुका है।

•यह मिशन भारत की अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है।

•यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष समुदाय में भारत की बढ़ती साख को मजबूत करती है।

केवल दो बिंदु अपेक्षित

(V)बच्चों और युवाओं के मन में ‘मैं’ भी कर सकता हूँ की भावना शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष में कदम रखने से कैसे जागृत हुई ?   [2 अंक]

उत्तर

•बच्चों और युवाओं के मन में ‘मैं’ भी कर सकता हूँ की भावना तब जागृत होती है, जब उनके सामने किसी को अभूतपूर्व सफ़लता मिलती है।

•इस मिशन की सफ़लता ने बच्चों और युवाओं को सपने बड़े देखने और मेहनत करने की प्रेरणा दी है।

•यह मिशन भारत के हर युवा, वैज्ञानिक और नागरिक की उम्मीदों की उड़ान है।

केवल दो बिंदु अपेक्षित

Q27 अंकनिम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

ज़िंदगी को

वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं,

जो भगीरथ नीर की निर्भय शिराएँ मोड़ते हैं।

यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के

श्रेष्ठतम मैं मानता हूँ !!

ज़िंदगी को

वे गढ़ेंगे जो खदानें खोदते हैं,

लौह के सोए असुर को कर्म-रथ में जोतते हैं।

यज्ञ को इस शक्ति श्रम के

श्रेष्ठतम मैं मानता हूँ !!

ज़िंदगी को

वे गढ़ेंगे जो प्रभंजन हाँकते हैं,

शूरवीरों के चरण से रक्त-रेखा आँकते हैं।

यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के

श्रेष्ठतम मैं मानता हूँ !!

ज़िंदगी को

वे गढ़ेंगे जो प्रलय को रोकते हैं,

रक्त से रंजित धरा पर शांति का पथ खोजते हैं।

यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के

श्रेष्ठतम मैं मानता हूँ !!

मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा।

ख़ूबसूरत ज़िंदगी की नौजवानी भोग लूँगा।

- केदारनाथ अग्रवाल (जो शिलाएँ तोड़ते हैं)

(I)प्रस्तुत कविता का मुख्य भाव है :   [1 अंक]

(A)शूरवीरों के साहस की सराहना

(B)नौजवानों की ताकत का सम्मान

(C)किसानों और मजदूरों की प्रशंसा

(D)मेहनती और दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान

उत्तर एवं व्याख्या

(D) मेहनती और दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान

सही विकल्प D है। प्रस्तुत कविता में कवि ने मेहनती और दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान किया है।

(II)मैं नए विचारों से प्रेरित इंसान हूँ। श्रम और मानवता से समाज के निर्माण में सहयोग दूँगा।   [1 अंक]

यह भाव कविता की किन पंक्तियों में व्यक्त हुआ है?

विकल्प :

(A)ख़ूबसूरत ज़िंदगी की नौजवानी भोग लूँगा

(B)मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा

(C)ज़िंदगी को वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं

(D)ज़िंदगी को वे गढ़ेंगे जो प्रभंजन हाँकते हैं

उत्तर एवं व्याख्या

(B) मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा

सही विकल्प B है। जो भाव दिया गया है वह कविता की इस पंक्ति से मेल खाता है।

(III)निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :   [1 अंक]

कथन - जो लोग कठिनाइयों और बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़ते हैं, वे अपने जीवन और समाज को गढ़ने वाले होते हैं।

कारण - इतिहास गवाह है कि हमारे महापुरुषों ने मेहनत, धैर्य और संघर्ष के आधार पर सुंदर समाज का निर्माण किया।

विकल्प :

(A)कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।

(B)कथन और कारण दोनों ही ग़लत हैं।

(C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर एवं व्याख्या

(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है

सही विकल्प C है। कथन सही है जो लोग कठिनाइयों और बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़ते हैं, वे ही समाज को गढ़ते हैं। कारण कथन की सही व्याख्या करता है। उदाहरणार्थ हमारे महापुरुषों ने कड़ी मेहनत से, बाधाओं का सामना करते हुए भारत का निर्माण किया।

(IV)मानव जीवन का श्रेष्ठतम यज्ञ कवि ने किसे माना है और क्यों?   [2 अंक]

उत्तर

•मानव जीवन का श्रेष्ठतम यज्ञ कवि ने परिश्रम को माना है।

•परिश्रम सफलता का मूल आधार है।

•हमारे जीवन में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परिश्रम ही एकमात्र साधन है।

केवल दो बिंदु अपेक्षित

(V)यह कविता साहस और संघर्ष का प्रतीक है - कैसे ? कविता से उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।   [2 अंक]

उत्तर

•संपूर्ण कविता साहस, संघर्ष और श्रम शक्ति के बल पर आगे बढ़ने का संदेश देती है।

•इतिहास गवाह है कि हमारे महापुरुषों ने मेहनत के आधार पर सुखी समाज का निर्माण किया।

•जैसे "जो भगीरथ नीर की निर्भय शिराएँ मोड़ते हैं" और "जो खदानें खोदते हैं, लौह के सोए असुर को कर्म-रथ में जोतते हैं"। ये पंक्तियाँ मेहनत, शक्ति और संघर्ष को दर्शाती हैं।

केवल दो बिंदु अपेक्षित

(व्यावहारिक व्याकरण)16 अंक

Hindi A Sample Paper Solutions: खंड ख: व्याकरण (प्रश्न 3 से 6)

Q34 × 1 = 4 अंकनिर्देशानुसार ‘रचना के आधार पर वाक्य भेद’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

(I)चैत आया और टेसू के फूल दहकने लगे।

(सरल वाक्य में बदलकर लिखिए)

उत्तर

चैत आते ही टेसू के फूल दहकने लगे। (सरल वाक्य)

(II)उसके पास घड़ी तो थी, किन्तु ठीक नहीं थी।

(मिश्र वाक्य में बदलकर लिखिए)

उत्तर

जो घड़ी उसके पास थी, वह ठीक नहीं थी। (मिश्र वाक्य)

(III)जब बाबूजी रामायण का पाठ करते तब हम उनकी बगल में बैठे रहते।

(संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए)

उत्तर

बाबूजी रामायण का पाठ करते और हम उनकी बगल में बैठे रहते। (संयुक्त वाक्य)

(IV)घर में पतोहू रो रही है, जिसे गाँव की स्त्रियाँ चुप कराने की कोशिश कर रही हैं।

(रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद लिखिए)

उत्तर

मिश्र वाक्य

(V)जब बाबूजी हमारी ओर देखते, तब हम कुछ लजाकर और मुस्कुराकर आइना नीचे रख देते।

(रेखांकित उपवाक्य का भेद लिखिए)

उत्तर

क्रियाविशेषण उपवाक्य

अंक विभाजन

प्रत्येक सही उत्तर - 1 अंक (4 × 1 = 4)

Q44 × 1 = 4 अंकनिर्देशानुसार ‘वाच्य’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

(I)लेखिका के पिताजी रसोई को भटियारखाना कहते थे।

(कर्मवाच्य में बदलकर लिखिए)

उत्तर

लेखिका के पिताजी द्वारा रसोई को भटियारखाना कहा जाता था। ( कर्मवाच्य )

(II)बालगोबिन भगत द्वारा पतोहू को मायके भेज दिया गया।

(कर्तृवाच्य में बदलकर लिखिए)

उत्तर

बालगोबिन भगत ने पतोहू को मायके भेज दिया। (कर्तृवाच्य)

(III)चोट लगने के कारण वह चल नहीं पाया।

(भाववाच्य में बदलकर लिखिए)

उत्तर

चोट लगने के कारण उससे चला नहीं जा सका। (भाववाच्य)

(IV)बच्चों द्वारा नेताजी को चश्मा पहनाया गया।

(वाच्य पहचानकर भेद लिखिए)

उत्तर

कर्मवाच्य

(V)आराम से सेकंड क्लास में जाने के लिए दाम अधिक लगते हैं।

(वाच्य पहचानकर भेद लिखिए)

उत्तर

कर्तृवाच्य

अंक विभाजन

प्रत्येक सही उत्तर - 1 अंक (4 × 1 = 4)

Q54 × 1 = 4 अंकनिर्देशानुसार ‘पद परिचय’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

(I)आज भी भारत में अनेक अभिमन्यु हैं।

उत्तर

अभिमन्यु - संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक

(II)यह पुस्तक मेरी बड़ी बहन ने लिखी है।

उत्तर

यह - विशेषण, सार्वनामिक विशेषण, विशेष्य ‘पुस्तक’, एकवचन, स्त्रीलिंग

(III)उनके बेटे और पतोहू को तो मैंने देखा था।

उत्तर

देखा था - क्रिया, सकर्मक क्रिया, भूतकाल, एकवचन, पुल्लिंग, कर्तृवाच्य

(IV)वर्षा के बाद धीरे-धीरे हरियाली बढ़ने लगी।

उत्तर

धीरे-धीरे - क्रिया विशेषण, रीतिवाचक क्रिया विशेषण, ‘बढ़ने लगी’ क्रिया की विशेषता

(V)वाह ! भारत ने महिला क्रिकेट विश्व कप जीत लिया।

उत्तर

वाह - अव्यय, विस्मयादिबोधक अव्यय, प्रसन्नता सूचक

अंक विभाजन

प्रत्येक पद-परिचय - सही व्याकरणिक कोटि ½ अंक + कोई एक अन्य उपयुक्त बिंदु ½ अंक = 1 अंक (4 × 1 = 4)

Q64 × 1 = 4 अंकनिर्देशानुसार ‘अलंकार’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

(I)खड़-खड़ करताल बजा, नाच रही बेसुध हवा।

( रेखांकित काव्य पंक्ति में अलंकार पहचान कर लिखिए )

उत्तर

मानवीकरण अलंकार

(II)सुख स्वर्ग-सा जहाँ है, वह देश कौन-सा है ?

( रेखांकित काव्य पंक्ति में अलंकार पहचान कर लिखिए )

उत्तर

उपमा अलंकार

(III)भूप सहस दस एकहिं बारा। लगे उठावन टरत न टारा॥

( रेखांकित काव्य पंक्तियों में अलंकार पहचान कर लिखिए )

उत्तर

अतिशयोक्ति अलंकार

(IV)रूपक अलंकार का एक उदाहरण उपयुक्त काव्य पंक्ति द्वारा लिखिए।

उत्तर

रूपक अलंकार का उपयुक्त उदाहरण स्वीकार्य

(V)उत्प्रेक्षा अलंकार का एक उदाहरण उपयुक्त काव्य पंक्ति द्वारा लिखिए।

उत्तर

उत्प्रेक्षा अलंकार का उपयुक्त उदाहरण स्वीकार्य

अंक विभाजन

प्रत्येक सही उत्तर - 1 अंक (4 × 1 = 4)

(पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक)30 अंक

Hindi A Sample Paper Solutions: खंड ग: पाठ्यपुस्तक क्षितिज और कृतिका (प्रश्न 7 से 11)

Q75 × 1 = 5 अंकनिम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

एक संस्कृत व्यक्ति किसी नयी चीज़ की खोज करता है; किंतु उसकी संतान को वह अपने पूर्वज से अनायास ही प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भाँति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता।

एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही; लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित ही रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सके; पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं कह सकते।

(I)संस्कृत व्यक्ति की संतान को लेखक ने किसकी संज्ञा दी है?

(A)सुसंस्कृत मानव

(B)सभ्य मानव

(C)सुयोग्य मानव

(D)समृद्ध मानव

उत्तर एवं व्याख्या

(B) सभ्य मानव

सही विकल्प B है। संस्कृत मानव की संतान ने किसी नयी चीज़ की खोज नहीं की उसे वह अपने पूर्वज से अनायास ही प्राप्त हुई है।

(II)लेखक के अनुसार प्रस्तुत गद्यांश में एक ‘संस्कृत’ व्यक्ति कौन है?

(A)जो संस्कृत विषय का विशेषज्ञ हो

(B)जो नयी वस्तुओं का उपयोग करता हो

(C)जो अनेक बातों का ज्ञान रखता हो

(D)जो किसी नयी चीज़ की खोज करता हो

उत्तर एवं व्याख्या

(D) जो किसी नयी चीज़ की खोज करता हो

सही विकल्प D है। लेखक के अनुसार जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य की खोज की, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है

(III)निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :

कथन : लेखक ने ‘संस्कृत’ व्यक्ति की संतान को ‘संस्कृत’ नहीं माना है।

कारण : ‘संस्कृत’ व्यक्ति की संतान ने किसी नयी चीज़ की खोज नहीं की, बल्कि उसे वह वस्तु अपने पूर्वजों से अनायास ही प्राप्त हो गई है।

विकल्प :

(A)कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।

(B)कथन और कारण दोनों ही ग़लत हैं।

(C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर एवं व्याख्या

(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है

सही विकल्प C है। कथन सही है क्योंकि ‘संस्कृत’ व्यक्ति की संतान ने किसी नई चीज़ की खोज नहीं की। कारण कथन की सही व्याख्या करता है क्योंकि संस्कृत व्यक्ति की संतान को वह अपने पूर्वज से अनायास ही प्राप्त हुई है।

(IV)प्रस्तुत गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन / कौन-से कथन सही हैं?

उचित विकल्प/विकल्पों का चयन कीजिए -

(i)न्यूटन गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार करने के कारण संस्कृत मानव कहलाए।

(ii)आज भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन के समान संस्कृत कह सकते हैं।

(iii)आज का विद्यार्थी न्यूटन के सिद्धांत के साथ-साथ अन्य बातों का भी ज्ञान रखता है।

(iv)आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को अधिक सभ्य नहीं माना जा सकता है।

विकल्प :

(A)कथन (i) और (ii) सही हैं

(B)केवल कथन (iii) सही है

(C)कथन (i) और (iv) सही हैं

(D)कथन (i) और (iii) सही हैं

उत्तर एवं व्याख्या

(D) कथन (i) और (iii) सही हैं

सही विकल्प D है। गद्यांश के अनुसार कथन i और iii के तथ्य गद्यांश से मेल खाते हैं।

(V)एक संस्कृत व्यक्ति में आम लोगों से अलग कौन-से गुण होते हैं?

उचित विकल्प/विकल्पों का चयन कीजिए -

(i)नई खोज करना

(ii)संस्कृति का सम्मान करना

(iii)साहसी और परिश्रमी होना

(iv)अपनी बुद्धि, विवेक के बल पर आविष्कार करना

विकल्प -

(A)विकल्प (i) और (iv) सही हैं

(B)केवल विकल्प (iii) सही है

(C)विकल्प (i) और (ii) सही हैं

(D)विकल्प (i), (ii) और (iv) सही हैं

उत्तर एवं व्याख्या

(A) विकल्प (i) और (iv) सही हैं

सही विकल्प A है। एक संस्कृत व्यक्ति में आम लोगों से अलग गुण- नई खोज करना और अपनी बुद्धि, विवेक के बल पर आविष्कार करना होते हैं।

अंक विभाजन

प्रत्येक सही विकल्प - 1 अंक (5 × 1 = 5)

Q83 × 2 = 6 अंकनिर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

(I)‘बुढ़ापा आ गया था, किंतु टेक वही जवानीवाली’ - ‘बालगोबिन भगत’ पाठ के आधार पर इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।   [2 अंक]

उत्तर

‘बुढ़ापा आ गया था, किंतु टेक वही जवानीवाली’ इस कथन के द्वारा बालगोबिन भगत के व्यक्तित्व को स्पष्ट किया गया है :

•बालगोबिन वृद्ध हो गए थे, परंतु उनके नित्य-नियम में किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं आया था।

•वे हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी (जीवन के अंतिम क्षणों में) गंगा स्नान करने गए थे।

•इस बीच वे उपवास रखते थे। किसी से कोई सहायता नहीं लेते थे।

•वृद्धावस्था में पहुँचकर भी उन्हें किसी का आश्रय लेना मंजूर नहीं था।

•जवानी से लेकर जीवन के अंतिम समय तक यह क्रम चलता रहा। यही आदर्श व्यक्तित्व उनका जीवन भर रहा।

किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

(II)लेखिका मन्नू भंडारी को साधारण से असाधारण बनाने में 'शीला अग्रवाल' की भूमिका पर ‘एक कहानी यह भी’ पाठ के आधार पर प्रकाश डालिए।   [2 अंक]

उत्तर

लेखिका मन्नू भंडारी को साधारण से असाधारण बनाने में उनकी हिंदी अध्यापिका 'शीला अग्रवाल' ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

•उनके साथ की गई लंबी बहसों ने लेखिका को साहित्य समझने की दृष्टि प्रदान की।

•अनेक महत्त्वपूर्ण लेखकों को पढ़ने का सुझाव देकर शीला जी ने मन्नू के चिंतन और मनन को सँवारा।

•उन्हें साहसी और आत्मविश्वासी बनाया।

•उन्होंने ही असाधारण क्षमता का परिचय कराते हुए लेखिका को देश के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदार बनाया।

•उनकी जोशीली बातों से ही लेखिका की रगों का ख़ून लावा में बदल गया।

•शीला अग्रवाल जी ने मन्नू के व्यक्तित्व को निखार कर खरा सोना बना दिया।

किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

(III)कैसे कहा जा सकता है कि बिस्मिल्ला खाँ साहब सच्चे अर्थों में भारत रत्न थे। ‘नौबतखाने में इबादत’ पाठ के आधार पर लिखिए।   [2 अंक]

उत्तर

बिस्मिल्ला खाँ सच्चे अर्थों में 'भारत रत्न' थे क्योंकि :

•भारतीयता के जीवन-मूल्य सांप्रदायिक सद्भावना, देशभक्ति, विनम्रता, सादगी, हुनर और साधना जैसे गुण उनमें कूट-कूट कर भरे थे।

•'भारत रत्न' व अन्य उपाधियाँ जैसे पद्मविभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार व अन्य सम्मान प्राप्ति के बाद भी घमंड उन्हें छू तक नहीं गया था।

•बिना धन-लालसा के वे जीवन पर्यंत सुरों की साधना सादगी के साथ करते रहे।

किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

(IV)यदि लेखक ने खीरा खा लिया होता तो क्या नवाब साहब भी खीरा खा लेते? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।   [2 अंक]

उत्तर

•यदि लेखक ने खीरा खा लिया होता, तो संभव है कि नवाब साहब भी खीरा खा लेते।

•लखनवी अंदाज़ पाठ में नवाब साहब अपनी शान और आत्म-सम्मान को बनाए रखने के प्रयास में थे।

•लेखक की उपस्थिति और उसके द्वारा खीरा न खाने से नवाब साहब को अपने दिखावे को बनाए रखना पड़ा।

•वे भी खीरे का आनंद लेना चाहते थे, लेकिन समाज में नवाबी स्थिति और शिष्टता के कारण वे खीरा नहीं खा पा रहे थे।

किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

Q95 × 1 = 5 अंकनिम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

अट नहीं रही है

आभा फागुन की तन

सट नहीं रही है।

कहीं साँस लेते हो,

घर-घर भर देते हो,

उड़ने को नभ में तुम

पर-पर कर देते हो,

आँख हटाता हूँ तो

हट नहीं रही है।

पत्तों से लदी डाल

कहीं हरी, कहीं लाल,

कहीं पड़ी है उर में

मंद-गंध-पुष्प-माल,

पाट-पाट शोभा-श्री

पट नहीं रही है।

(I)‘अट नहीं रही है’ कविता में किस ऋतु के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है?

(A)चैत्र माह में आने वाली ग्रीष्म ऋतु का वर्णन

(B)चैत्र माह में आने वाली वर्षा ऋतु का वर्णन

(C)फागुन माह में आने वाली वसंत ऋतु का वर्णन

(D)फागुन माह में आने वाली वर्षा ऋतु का वर्णन

उत्तर एवं व्याख्या

(C) फागुन माह में आने वाली वसंत ऋतु का वर्णन

सही विकल्प C है। कविता में कवि ने फागुन माह में आने वाली वसंत ऋतु का वर्णन किया है।

(II)फागुन माह में प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन होते हैं?

सही विकल्प/विकल्पों का चयन कीजिए -

(i)नव पल्लवों से युक्त डालियाँ

(ii)अनगिनत रंग-बिरंगे सुगंधित पुष्प

(iii)प्रकृति का सौंदर्य चरम सीमा पर

(iv)आकाश में बादलों का छाना

विकल्प -

(A)कथन (i) और (ii) सही हैं

(B)केवल कथन (iii) सही है

(C)कथन (i) और (iv) सही हैं

(D)कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं

उत्तर एवं व्याख्या

(D) कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं।

सही विकल्प D है। फागुन माह में प्रकृति में जो परिवर्तन होते हैं वे कथन i, ii और iii में दिए गए हैं।

(III)निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :

कथन : आभा फागुन की तन सट नहीं रही है।

कारण : फाल्गुन की सुंदरता इतनी अधिक है कि वह धरती पर समा नहीं पा रही है और चारों ओर बिखरी हुई है।

विकल्प :

(A)कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।

(B)कथन और कारण दोनों ही ग़लत हैं।

(C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर एवं व्याख्या

(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

सही विकल्प C है। कथन सही है फाल्गुन की सुंदरता अतिशय है और कारण कथन की सही व्याख्या करता है कि प्राकृतिक सौंदर्य धरती पर समा नहीं रहा है और चारों ओर बिखरा हुआ है।

(IV)यह कविता कवि के किस प्रेम को दर्शाती है?

(A)देश प्रेम

(B)प्रकृति प्रेम

(C)कला प्रेम

(D)मानव प्रेम

उत्तर एवं व्याख्या

(B) प्रकृति प्रेम

सही विकल्प B है। यह कविता कवि के प्रकृति प्रेम को दर्शाती है। कविता में वसंत ऋतु के प्राकृतिक सौंदर्य का मनोरम वर्णन है।

(V)‘आँख हटाता हूँ तो हट नहीं रही है’ - कवि किसकी ओर से अपनी आँख हटा नहीं पा रहा है?

(A)प्राकृतिक सौंदर्य की ओर से

(B)काले बादलों की ओर से

(C)ऊँचे पहाड़ों की ओर से

(D)हरे-भरे पेड़ों की ओर से

उत्तर एवं व्याख्या

(A) प्राकृतिक सौंदर्य की ओर से

सही विकल्प A है। चारों ओर बिखरे प्राकृतिक सौंदर्य से कवि अभिभूत है इसलिए वह प्रकृति से अपनी आँख हटा नहीं पा रहा है।

अंक विभाजन

प्रत्येक सही विकल्प - 1 अंक (5 × 1 = 5)

Q103 × 2 = 6 अंकनिर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

(I)‘सूरदास अब धीर धरहिं क्यौं ?’ - इस प्रश्न में निहित गोपियों की व्यथा का चित्रण ‘सूरदास के पद’ के आधार पर संक्षेप में लिखिए।   [2 अंक]

उत्तर

‘सूरदास अब धीर धरहिं क्यौं ?’ (अब हम धीरज क्यूँ धरें, कैसे धरें), यह प्रश्न गोपियों की विरह-वेदना के चरमोत्कर्ष को दर्शाता है। जैसे :

•‘अवधि अधार आस आवन की’ - कृष्ण के आगमन की अनिश्चित प्रतीक्षा उन्हें तन-मन से ‘बिथा सही’ ( पीड़ा सहने ) को विवश करती है।

•‘अब इन जोग सँदेसनि सुनि-सुनि’-उद्धव द्वारा दिए गए योग-संदेश उनकी वेदना को ‘बिरहिनि बिरह दही’ ( विरहिनी को विरह से जलाने ) जैसा बना देते हैं।

•“मरजादा न लही” - सामाजिक मर्यादा टूट चुकी है। वे स्वीकार करती है कि उन्होंने हर संभव गुहार लगाई (चाहति हुतीं गुहारि) पर सब व्यर्थ रहा।

•इस प्रकार यह पंक्ति गोपियों की मनःस्थिति में निराशा, आकुलता और भावनात्मक व्यथा को समेटे हुए है।

किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

(II)‘क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ ?’ ‘आत्मकथ्य’ कविता के आधार पर लिखिए कि कवि ‘दूसरों की सुनकर मौन रहना’ क्यों श्रेयस्कर मानता है?   [2 अंक]

उत्तर

•कवि के अनुसार इस छोटे से जीवन में उन्होंने अभी तक सुनाने लायक कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की है।

•कवि मानते हैं कि अपनी व्यथा को प्रकट करने के बजाय दूसरों की कहानियाँ सुनना अधिक सार्थक है।

•वे नहीं चाहते कि उनकी भोली व्यथा दूसरों के मनोरंजन और उपहास का विषय बने।

•अतः मौन ही गरिमामय विकल्प है।

किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

(III)‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में बच्चे और कवि के बीच का संबंध मुख्यतः संवादहीन है, फिर भी अत्यंत गहन और भावपूर्ण है। ‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता के आधार पर तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए।   [2 अंक]

उत्तर

•‘यह दंतुरित मुसकान” कविता में बच्चे और कवि के बीच का संबंध मुख्यतः संवादहीन है, फिर भी अत्यंत गहन और भावपूर्ण है।

•बच्चे की दंतुरित मुसकान ही मुख्य संचार का माध्यम है। यह मुसकान कवि को अपार सुंदरता (‘छविमान’) का अनुभव कराती है।

•यह संवादहीन संबंध शब्दों से परे, हृदय से हृदय का जुड़ाव है, जो एक मासूम मुसकान और एक स्नेहिल दृष्टि से ही पूर्ण हो जाता है।

•कवि एक “अतिथि” और “अन्य” (पराया) है। बच्चा उसे बिना पलक झपकाए लगातार देख रहा है (“देखते ही रहोगे अनिमेष!”), शायद उसे पहचान नहीं पाता (“तुम मुझे पाए नहीं पहचान ?”)।

किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

(IV)‘और यह कि फिर से गाया जा सकता है गाया जा चुका राग’ - यह पंक्ति संगतकार के स्वर में किस भावना और विश्वास को व्यक्त करती है? ‘संगतकार’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।   [2 अंक]

उत्तर

•यह पंक्ति संगतकार के स्वर में निहित सबसे शक्तिशाली और आशावादी संदेश को व्यक्त करती है।

•आशा, पुनरुत्थान और अवसर की अनंतता का विश्वास।

•संगतकार के इस सरल कथन - “फिर से गाया जा सकता है” - में अथाह सांत्वना और शक्ति है। वह असफलता को अंत नहीं मानता। यह विश्वास दिलाता है कि क्षणिक विफलता स्थायी नहीं है, थकान ठहराव नहीं है।

•संगीत (राग) शाश्वत है; उसे दोबारा शुरू किया जा सकता है, फिर से प्रयास किया जा सकता है। यह हार न मानने, लचीलापन दिखाने और नए सिरे से शुरुआत करने के प्रति विश्वास जगाता है।

•“गाया जा चुका राग” यह स्वीकारोक्ति है कि प्रदर्शन बाधित हुआ, लेकिन ‘फिर से गाया जा सकता है’ उससे कहीं बड़ा आश्वासन है कि अवसर अभी खत्म नहीं हुआ।

किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

Q112 × 4 = 8 अंकपूरक पाठ्य पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

(I)'माता का अँचल' पाठ में वर्णित बच्चों के ‘खेती के खेल’ से ग्रामीण जीवन की किन सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं का पता चलता है?   [4 अंक]

उत्तर

•'माता का अँचल' पाठ में खेती का खेल ग्रामीण समाज की आर्थिक संरचना का बाल सुलभ प्रतिबिंब है।

•बच्चों ने घिरनी से कुआँ, मूँज की रस्सी से रस्सा, और कंकड़ों को बीज बनाकर खेती की पूरी प्रक्रिया नकली रूप में दोहराई। वे “ऊँच-नीच में बई कियारी जो उपजी सो भई हमारी” जैसे लोकगीत गाते हुए फसल काटते, उसे रौंदते और कसोरे से ओसाते थे।

•यह दिखाता है कि बचपन से ही गाँव के बच्चे खेती के संघर्ष, सहयोग और उत्सव से परिचित थे।

•गीतों में छिपा “ऊँच-नीच” का भाव भूमि विषमता और सामूहिक श्रम की महत्ता को भी उजागर करता है।

•इस तरह यह खेल ग्रामीण जीवन का सूक्ष्म दस्तावेज़ है।

किन्हीं चार बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

(II)‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर लिखिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों के जीवन और उनके योगदान पर लेखिका की टिप्पणी क्या प्रतिबिंबित करती है?   [4 अंक]

उत्तर

•लेखिका ने सीमा पर तैनात सैनिकों के जीवन को ‘मौत को झुठलाने’ वाला संघर्ष बताया है।

•कटाओ जैसे दुर्गम इलाके में, जहाँ तापमान माइनस 15° सेल्सियस होता है, सैनिकों का निरंतर ड्यूटी में तैनात रहना उनके अदम्य साहस को दर्शाता है।

•एक सैनिक का वाक्य - “आप चैन की नींद सो सकें, इसीलिए तो हम यहाँ पहरा दे रहे हैं” - लेखिका को गहराई तक विचलित कर देता है।

•छावनी पर लिखा नारा ‘वी गिव अवर टुडे फॉर योर टुमारो’ उनके समर्पण का प्रतीक है।

•लेखिका इस अनुभव से नागरिक और सैन्य जीवन के बीच की खाई को रेखांकित करती हैं - जहाँ शहरी आराम सीमा के कष्टों पर टिका है।

•यह भाव उनकी राष्ट्रीय चेतना और सैनिकों के प्रति कृतज्ञता को उजागर करता है।

किन्हीं चार बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

(III)‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ के आधार पर बताइए कि भीतरी विवशता क्या होती है ? लेखक अज्ञेय ने इसे स्पष्ट करने के लिए किसकी चर्चा की है?   [4 अंक]

उत्तर

‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ के आधार पर

•भीतरी विवशता मन की वह प्रबल अनुभूति और बेचैनी है, जो लेखक को अपनी अनुभूति को शब्दों में व्यक्त करने के लिए विवश करती है।

•अज्ञेय जी के अनुसार लेखक के भीतर कुछ ऐसी अनुभूतियाँ होती हैं, जिन्हें वह दूसरों तक पहुँचाना चाहता है।

•जब तक वह उन्हें लिखकर व्यक्त नहीं कर देता, तब तक उसके मन को शांति नहीं मिलती। इसे ही भीतरी विवशता कहा गया है।

•अज्ञेय जी ने इस बात को स्पष्ट करने के लिए अपनी प्रसिद्ध कविता ‘हिरोशिमा’ की चर्चा की है।

•उन्होंने बताया है कि कविता लिखना उनके लिए किसी बाहरी दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि भीतर की अनुभूति को व्यक्त करने की आवश्यकता थी।

किन्हीं चार बिंदुओं का उल्लेख अपेक्षित

(रचनात्मक लेखन)20 अंक

Hindi A Sample Paper Solutions: खंड घ: रचनात्मक लेखन (प्रश्न 12 से 15)

Q121 × 6 = 6 अंकनिम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिन्दुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

(i)प्रगति पथ पर अग्रसर भारत

•भारत की उपलब्धियाँ

•अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान

•देश की प्रगति के लिए हमारे कर्तव्य

(ii)भारतीय रसोई में बसता है सेहत का खजाना

•भारतीय रसोईघर : एक औषधालय

•संतुलित एवं संपूर्ण आहार

•स्वादिष्ट और सेहतमंद आहार

(iii)पाश्चात्य सभ्यता की गिरफ्त में आती युवा पीढ़ी

•पाश्चात्य संस्कृति का अर्थ

•पाश्चात्य संस्कृति का आकर्षण

•मानवीय मूल्यों में बदलाव

उत्तर

लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लेखन अपेक्षित :

अनुच्छेद लेखन

आरंभ - 1 अंक

विषयवस्तु - 4 अंक

भाषा शुद्धता - 1 अंक

Q131 × 5 = 5 अंक(A) आप रेवा/रवि हैं। दैनिक समाचार-पत्रों में विज्ञापनों की भरमार को कम करने और समसामयिक विषयों पर लेखन की आवश्यकता को दर्शाते हुए किसी दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।Tap to view answer and marking scheme

अथवा

(B)आप रेवा/रवि हैं। आपको माताजी के पत्र से पता चला है कि आपके छोटे भाई का स्वभाव, बोलने का तरीका दिन-प्रतिदिन उग्र होता जा रहा है। संयमित व्यवहार और मीठी वाणी का महत्त्व समझाते हुए उसे लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।

उत्तर

किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में पत्र लेखन अपेक्षित :

पत्र-लेखन

प्रारूप (प्रारंभ और अंत की औपचारिकताएँ) - 1 अंक

विषयवस्तु - 3 अंक

भाषा शुद्धता - 1 अंक

Q141 × 5 = 5 अंक(A) आप आभा/अभय हैं। आपने हिन्दी विषय में एम.ए. किया है। अ.ब.स. समाचार पत्र में सामग्री लेखक (कंटेंट राइटर) की नौकरी का विज्ञापन जारी हुआ है। आपको उस पद के लिए आवेदन करना है। इसके लिए लगभग 80 शब्दों में अपना एक स्ववृत्त लेख तैयार कीजिए।Tap to view answer and marking scheme

अथवा

(B)आप आभा/अभय हैं। आपकी कॉलोनी की सड़कें नगर-पालिका द्वारा नई बनवा दी गई हैं। नगर-पालिका के अध्यक्ष को नई सड़कें बनवाने के लिए धन्यवाद ज्ञापन करते हुए लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए।

उत्तर

लगभग 80 शब्दों में एक स्ववृत्त लेखन अथवा ई-मेल अपेक्षित :

स्ववृत्त लेखन

प्रारूप - 1 अंक

विषयवस्तु - 3 अंक

भाषा शुद्धता - 1 अंक

अथवा

ई-मेल

प्रारूप - 1 अंक

विषयवस्तु - 3 अंक

भाषा शुद्धता - 1 अंक

Q151 × 4 = 4 अंक(A) इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर क्राइम में भी बहुत वृद्धि हुई है। इस ओर आम नागरिक को सतर्क और जागरूक करने के लिए एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में पुलिस विभाग की ओर से तैयार कीजिए।Tap to view answer and marking scheme

अथवा

(B)अपने विद्यालय के प्राचार्य / प्राचार्या की ओर से आगामी बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए शुभकामना-संदेश लगभग 40 शब्दों में लिखिए।

उत्तर

लगभग 40 शब्दों में विज्ञापन अथवा संदेश लेखन अपेक्षित :

विज्ञापन लेखन

रचनात्मक प्रस्तुति - 1 अंक

विषयवस्तु - 2 अंक

भाषा शुद्धता - 1 अंक

अथवा

संदेश लेखन

प्रारूप - 1 अंक

विषयवस्तु - 2 अंक

भाषा शुद्धता - 1 अंक

From the Marking Scheme

Where Students Lose Marks in Class 10 Hindi A

Going through the marking scheme of the cbse hindi a sample paper class 10 shows a clear pattern of where marks slip away. Keep these points in mind while practising.

  • पत्र का प्रारूप याद रखें। पता, दिनांक, विषय, संबोधन और समापन के अंक अलग से मिलते हैं।
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  • पाठ का केंद्रीय भाव लिखें। क्षितिज और कृतिका के प्रश्नों में भाव और उदाहरण दोनों दें।
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FAQs on Cbse hindi a sample paper class 10

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Yes. The questions are from the official CBSE Class 10 Hindi A (002) sample paper for 2026-27, and the solutions are prepared by Competishun.
The paper has 15 questions for 80 marks, and the time allowed is 3 hours.
Yes. Every answer shows the marking scheme, so you can see where each mark is given and write your answers the same way.
No. CBSE has stated that there is no change in the question paper design and assessment pattern for the 2026-27 session.
The question papers for all subjects are on our CBSE Class 10 sample paper 2026-27 page, linked on this page. Attempt the paper there first, then check your answers here.

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