Competishun Header
Study Material

CBSE Hindi B Sample Paper Class 10 2026-27 with Solutions PDF: Course B Answers & Marking Scheme

By Rohit Gupta Oct 04, 2026 7 min read
CBSE Hindi B Sample Paper Class 10 2026-27 with Solutions
Official CBSE Sample Paper 2026-27 · Solved by Competishun

CBSE Hindi B Sample Paper Class 10 2026-27 with Solutions PDF: Course B Answers & Marking Scheme

All 16 questions of the CBSE Class 10 Hindi B (085) sample paper solved with answers, explanations and the marking scheme. Read online or download the free PDF.

16Questions Solved
80Theory Marks
3 HrsDuration
085Subject Code
FreePDF Download

This page has the complete CBSE Hindi B sample paper class 10 2026-27 with solutions. All 16 questions of the official CBSE Class 10 Hindi Course B (085) sample paper are solved below, with the answer and marking scheme for each part.

हिंदी ब में व्याकरण और रचनात्मक लेखन मिलकर 38 अंक के होते हैं। इसलिए पदबंध, समास, मुहावरे और पत्र लेखन का सही प्रारूप सीखना सबसे ज़रूरी है। नीचे हर प्रश्न का उत्तर उसी तरह दिया गया है जैसा परीक्षा में अपेक्षित है।

The paper has four sections: अपठित बोध, व्यावहारिक व्याकरण, स्पर्श-संचयन पाठ्यपुस्तक and रचनात्मक लेखन. Read the solutions below or download the full Hindi B solutions PDF for free.

Quick answer: The cbse hindi b sample paper class 10 for 2026-27 is available on this page as a free PDF and as question-by-question solutions below. It covers all 16 questions for 80 marks, with the answer, explanation and marking scheme for each. The question paper itself is on our CBSE Class 10 sample paper 2026-27 page.
Free Download

Download Cbse hindi b sample paper class 10 PDF

cbse hindi b sample paper class 10 2026-27 PDF first page

CBSE Class 10 Hindi B Sample Paper 2026-27: Complete Solutions

  • All 16 questions solved, including internal choices
  • Step-wise marking scheme for every answer
  • Clear explanations in simple language
  • Free, no login, works on mobile
Download Solutions PDF Question Paper
Paper Pattern

Hindi B Sample Paper 2026-27 Pattern: Sections and Marks

Before you check the solutions, see how the Hindi B paper is built. CBSE has stated that there is no change in the question paper design for the 2026-27 session.

SectionQuestionsQuestion TypesMarks
क: अपठित बोध1 और 2गद्यांश पर आधारित प्रश्न14
ख: व्याकरण3 से 6पदबंध, वाक्य रूपांतरण, समास, मुहावरे16
ग: पाठ्यपुस्तक7 से 11स्पर्श और संचयन28
घ: रचनात्मक लेखन12 से 16अनुच्छेद, पत्र, सूचना, विज्ञापन, लघु कथा/ईमेल22
Total16Duration: 3 hours80

Official source: CBSE Academic, Sample Question Papers Class X 2026-27.

How These Hindi B Sample Paper Solutions Are Written

Each question below opens into a full solution. Here is what you will find inside every answer, and how to use it.

Answer

The correct option or the complete written answer, exactly as you should write it in the exam.

Explanation

Why the answer is correct, with the concept or steps behind it, so you can solve similar questions.

Marking Scheme

Where each mark is given, so you know which step or point the examiner looks for.

Best way to use this page: attempt the full paper first in 3 hours with a timer, then open each question here and compare your answer with the solution and the marking scheme. Questions that use a diagram, graph or map show the figure in the PDF.
General instructions of the paper

प्रश्न, उत्तर, हल एवं अंक विभाजन

सामान्य निर्देश :

• इस प्रश्न पत्र में कुल 16 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

• यह प्रश्न पत्र चार खंडों में विभाजित है - क, ख, ग और घ।

• खंड-क में अपठित बोध पर आधारित कुल 2 प्रश्न हैं, जिनमें उप प्रश्नों की संख्या 10 है।

• खंड-ख में व्यावहारिक व्याकरण पर आधारित कुल 4 प्रश्न हैं, जिनमें उप प्रश्नों की संख्या 20 है। प्रश्नों में विकल्प दिए गए हैं।

• खंड-ग में पाठ्य पुस्तक और पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित कुल 5 प्रश्न हैं, जिनमें उप प्रश्नों की संख्या 21 है। प्रश्नों में विकल्प दिए गए हैं।

• खंड-घ में रचनात्मक लेखन पर आधारित कुल 5 प्रश्न हैं। प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।

• प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए लिखिए।

• यथासंभव चारों खंडों के प्रश्नों के उत्तर क्रमशः लिखिए।

Hindi B Sample Paper Solutions: खंड क: अपठित बोध (प्रश्न 1 और 2, 14 अंक)

Q17 अंकनिम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

कठपुतलियों के नाच को देखने के लिए अक्सर उमड़ने वाली दर्शकों की भारी भीड़ इस बात की साक्षी है कि यदि कला लोगों से सीधा संपर्क करती है, तो वह कभी मर नहीं सकती। आज भी कठपुतलियों के नाटकीय कथानकों के माध्यम से समाज की समस्याओं को उभारने और लोगों को जागरुक बनाने की प्रेरणा दी जा रही है। कठपुतली के साथ लोक संस्कृति ही नहीं, कथा-कहानियों और नाटकों की बहुरंगी दुनिया जुड़ी है। सदियों से कठपुतली का प्रदर्शन लोक संस्कृति से जुड़े मनोरंजन का एक सशक्त माध्यम रहा है। आडू की हल्के वज़न की लकड़ी को मानवाकृतियों में काट-छाँटकर बनाई जाने वाली इन पुतलियों के चेहरे पर चटख रंगों से मुँह, नाक, कान और आँखों की रेखाएँ बनाते हैं। बदलते वक्त के साथ अब यह कला भी पूरी तरह व्यावसायिकता के रंगों में रंग गई है। कठपुतली नृत्य का प्रदर्शन अब गाँव की चौपालों पर नहीं, बल्कि संग्रहालयों, कला मेलों और पाँच सितारा होटलों में भी होने लगा है। आजकल साक्षरता, प्रौढ़ शिक्षा जैसे विषयों को भी कठपुतलियों के ज़रिए रोचक ढंग से पेश किया जाता है। उँगलियों के इशारे से नाचने वाली कठपुतली को इसका सबसे पुराना रूप माना जा सकता है। डोर में खिंची है तो प्रदर्शन कर रही है, इसे ढीला छोड़ दिया तो कठपुतली जिस हाल में है, बस वैसे ही थम जाती है। इसे ‘कठपुतली का खेल’ या ‘कठपुतली का तमाशा’ कहा जाता है।

साभार : नंदन (सितंबर 2009)

I. गद्यांश के अनुसार कठपुतली कला के जीवित रहने का प्रमुख कारण क्या है? [1 अंक]

(A) कला का लोगों से सीधा संपर्क होना

(B) मनोरंजन का सस्ता माध्यम होना

(C) परंपरा से चला आना

(D) पर्यटन स्थलों में प्रदर्शन

उत्तर (A) कला का लोगों से सीधा संपर्क होना इस कला को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ती है।

II. कठपुतली कला के माध्यम से आज किन उद्देश्यों को पूरा किया जा रहा है? सही विकल्प चुनिए : [1 अंक]

(i) लोक संस्कृति का प्रदर्शन करना (ii) केवल लोगों का मनोरंजन करना (iii) सामाजिक समस्याओं को उजागर करना (iv) साक्षरता और प्रौढ़ शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाना

विकल्प :

(A) केवल कथन (i) सही है।

(B) कथन (ii) और (iii) सही हैं।

(C) कथन (i), (iii) और (iv) सही हैं।

(D) कथन (i) और (ii) सही हैं।

उत्तर (C) कथन (i), (iii) और (iv) सही हैं। इस लोक कला के माध्यम से समाज की समस्याओं को उभारने, लोगों को जागरूक बनाने तथा साक्षरता और प्रौढ़ शिक्षा के प्रसार का कार्य किया जाता है।

III. निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए : [1 अंक]

कथन : कठपुतलियों के नाच को देखने के लिए अक्सर दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ती है। कारण : कला लोगों से सीधा संपर्क करती है, तो वह कभी मर नहीं सकती।

विकल्प :

(A) कथन सही है लेकिन कारण गलत है।

(B) कथन गलत है और कारण सही है।

(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

(D) कथन और कारण दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। कठपुतली के नाच को देखने के लिए आज भी दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ती है, और इसका कारण यही है कि यह कला लोगों से सीधा संपर्क करती है।

IV. “बदलते वक्त के साथ अब यह कला भी पूरी तरह व्यावसायिकता के रंगों में रंग गई है।” आशय स्पष्ट कीजिए। [2 अंक]

उत्तर • कठपुतली नृत्य का प्रदर्शन अब गाँव की चौपालों पर नहीं, बल्कि संग्रहालयों, कला मेलों और पाँच सितारा होटलों में भी होने लगा है। • आजकल साक्षरता, प्रौढ़ शिक्षा जैसे विषयों को भी कठपुतलियों के ज़रिए रोचक ढंग से पेश किया जाता है।

V. कठपुतली को समाज की समस्याओं को उभारने और लोगों को जागरुक बनाने के लिए सशक्त माध्यम माना गया है। अपने विचार तर्क सहित लिखिए। [2 अंक]

उत्तर • कठपुतली कला सरल भाषा और दृश्य प्रस्तुति के माध्यम से समाज की जटिल समस्याओं को सहज रूप में प्रस्तुत करती है। • पात्रों और कथानक के माध्यम से दर्शकों की भावनाएँ जुड़ती हैं, जिससे जागरूकता बढ़ती है। • यह कला सीधे आम लोगों से संवाद करती है, जिससे संदेश जल्दी समझ में आता है और प्रभाव गहरा पड़ता है। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

अंक विभाजन : उपप्रश्न I-III : प्रत्येक 1 अंक। उपप्रश्न IV और V : प्रत्येक 2 अंक (प्रत्येक अपेक्षित बिंदु पर 1 अंक)। कुल 7 अंक।

Q27 अंकनिम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

रसोई के कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने का अनूठा प्रयोग पर्यावरण के लिए एक लोकप्रिय उपक्रम बन रहा है। टेराकोटा के सुन्दर रंगबिरंगे गमले जो नफ़ीस बगीचों में रखे जा सकते हैं, रसोई आदि से निकलने वाले जैविक कचरे के लिए तैयार किए गए हैं। बंगलुरू में सफल प्रयासों की मिसाल अन्य महानगरों ने भी अपनाई। यह कचरा जो शहर में कचरे के लिए निर्धारित स्थान लैंडफिल पर फेंक दिया जाता है, अब इन गमलों के माध्यम से कंपोस्ट में बदला जा सकता है। अधिकतर घरों में रोज़ आधा किलो से लेकर 2 किलो तक जैविक कचरा निकलता है। बंगलुरू जैसे शहर रोज़ करीब 3000 टन कचरा तैयार करते हैं। रसोई से निकलने वाले कचरे को हर दिन सूखे पत्तों या अखबारों से ढक कर गमले में रखा जाता है और तीन महीने से भी कम समय में यह सब कंपोस्ट खाद में बदल जाता है। माना जाता है कि कंपोस्ट सबसे बेहतर खाद है जिसमें मिट्टी को दूषित करने वाला रसायन नहीं होता। पुनर्शोधन और कंपोस्ट बनाने जैसी गतिविधियाँ भारत में अभी शुरुआती चरण में हैं परंतु इस कार्य में संलग्न पर्यावरणविदों का मानना है कि इन्हें बहुत आसान बनाना होगा। इस क्षेत्र में सफलता मिलने से उल्लेखनीय बदलाव लाया जा सकता है। तब तक के लिए एक छोटा कदम भी इस पृथ्वी को बचाने में मददगार साबित होगा।

स्रोत : इंडिया टुडे

I. “टेराकोटा के सुन्दर रंगबिरंगे गमले जो नफ़ीस बगीचों में रखे जा सकते हैं।” यहाँ ‘नफ़ीस’ शब्द किस संदर्भ में प्रयोग किया गया है? [1 अंक]

(A) कोमल मिट्टी से बना हुआ

(B) पर्यावरण के लिए लाभकारी

(C) सुंदर एवं सुरुचिपूर्ण

(D) मज़बूत एवं सुंदर

उत्तर (C) सुंदर एवं सुरुचिपूर्ण ‘नफ़ीस’ का अर्थ है - सुंदर, सुरुचिपूर्ण एवं परिष्कृत। ऐसे ही बगीचों में टेराकोटा के सुन्दर रंगबिरंगे गमले रखे जा सकते हैं।

II. कंपोस्ट सबसे बेहतर खाद क्यों माना जाता है? [1 अंक]

(A) वह तीन महीने में बनकर तैयार हो जाता है।

(B) इसमें मिट्टी को दूषित करने वाले तत्त्व नहीं हैं।

(C) यह सुंदर टेराकोटा के गमले में बनाया जाता है।

(D) यह जैविक कचरे से बना हुआ उत्पाद है।

उत्तर (B) इसमें मिट्टी को दूषित करने वाले तत्त्व नहीं हैं। गद्यांश के अनुसार - माना जाता है कि कंपोस्ट सबसे बेहतर खाद है जिसमें मिट्टी को दूषित करने वाला रसायन नहीं होता।

III. निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए : [1 अंक]

कथन : यह कचरा जो शहर में कचरे के लिए निर्धारित स्थान लैंडफिल पर फेंक दिया जाता है, अब इन गमलों के माध्यम से कंपोस्ट में बदला जा सकता है। कारण : अधिकतर घरों में रोज़ आधा किलो से लेकर 2 किलो तक जैविक कचरा निकलता है।

विकल्प :

(A) कथन सही है लेकिन कारण गलत है।

(B) कथन गलत है और कारण सही है।

(C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

(D) कथन और कारण दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर (D) कथन और कारण दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है। हर घर में निकलने वाले जैविक कचरे की मात्रा से उसके कंपोस्ट में बदलने का कोई सीधा संबंध नहीं है।

IV. जैविक कचरे का भिन्न प्रयोग किस प्रकार पर्यावरण को फायदा पहुँचाता है? [2 अंक]

उत्तर • जैविक कचरा कंपोस्ट खाद में बदल जाता है। • जिसमें मिट्टी को दूषित करने वाला रसायन नहीं होता। • पृथ्वी / पर्यावरण को दूषित होने से बचाता है।

V. लेखक के अनुसार रसोई के कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने का प्रयोग कचरा प्रबंधन और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। इस कथन के पक्ष में तर्क दीजिए। [2 अंक]

उत्तर • रसोई का जैविक कचरा लैंडफिल में जाने से बचता है, जिससे प्रदूषण कम होता है। • कचरा स्रोत पर ही उपयोग होने से कचरा प्रबंधन आसान बनता है। • यह आदत लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाती है। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

अंक विभाजन : उपप्रश्न I-III : प्रत्येक 1 अंक। उपप्रश्न IV और V : प्रत्येक 2 अंक (प्रत्येक अपेक्षित बिंदु पर 1 अंक)। कुल 7 अंक।

Hindi B Sample Paper Solutions: खंड ख: व्यावहारिक व्याकरण (प्रश्न 3 से 6, 16 अंक)

Q34 × 1 = 4 अंकनिर्देशानुसार ‘पदबंध’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I. उनकी आवाज़ सुनकर नस-नस में जोश भर जाता है। (वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए) [1 अंक]

उत्तर क्रिया पदबंध ‘जोश भर जाता है’ में मुख्य शब्द क्रिया ‘भरना’ है, अतः यह क्रिया पदबंध है।

II. तत्कालीन भद्र समाज तताँरा का घोर विरोधी था। (वाक्य में से संज्ञा पदबंध छाँटकर लिखिए) [1 अंक]

उत्तर तत्कालीन भद्र समाज मुख्य शब्द संज्ञा ‘समाज’ है और ‘तत्कालीन भद्र’ उसकी विशेषता बता रहे हैं। ‘तताँरा’ आगे आने वाले पदबंध ‘तताँरा का घोर विरोधी’ का अंग है।

III. समुद्री बालू पर बैठकर वह सूरज की अंतिम रंग-बिरंगी किरणों को निहारने लगा। (वाक्य में से सर्वनाम पदबंध छाँटकर लिखिए) [1 अंक]

उत्तर समुद्री बालू पर बैठकर वह इस पदबंध का मुख्य शब्द सर्वनाम ‘वह’ है, शेष पद उसकी विशेषता बता रहे हैं।

IV. विरासत में मिली चीज़ों को संभालकर रखा जाता है। (वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए) [1 अंक]

उत्तर संज्ञा पदबंध ‘चीज़ों’ संज्ञा मुख्य शब्द है और ‘विरासत में मिली’ उसकी विशेषता बता रहा है।

V. समुद्र की लहरें धीरे-धीरे मद्धम गति से किनारों की ओर बढ़ी आ रही थीं। (वाक्य में से क्रिया-विशेषण पदबंध छाँटकर लिखिए) [1 अंक]

उत्तर धीरे-धीरे मद्धम गति से यह पदबंध क्रिया ‘बढ़ी आ रही थीं’ की रीति बता रहा है।

अंक विभाजन : किन्हीं चार उपप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित - प्रत्येक सही उत्तर 1 अंक। कुल 4 अंक। (यहाँ सुविधा के लिए पाँचों के उत्तर दिए गए हैं।)

Q44 × 1 = 4 अंकनिर्देशानुसार ‘रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण’ पर आधारित पाँच में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I. थोड़ा-सा ताँबा मिला होने के कारण गिन्नी का सोना ज़्यादा चमकता है। (संयुक्त वाक्य में रूपांतरण कीजिए) [1 अंक]

उत्तर गिन्नी के सोने में थोड़ा-सा ताँबा मिला है इसलिए वह ज़्यादा चमकता है। दो स्वतंत्र उपवाक्य समुच्चयबोधक ‘इसलिए’ से जुड़े हैं, अतः वाक्य संयुक्त हो गया।

II. जो लोग काम करने वाले थे उन सबको इंस्पेक्टर द्वारा सूचना दे दी गई थी। (सरल वाक्य में रूपांतरण कीजिए) [1 अंक]

उत्तर काम करने वाले लोगों को इंस्पेक्टर द्वारा सूचना दे दी गई थी। आश्रित उपवाक्य ‘जो लोग काम करने वाले थे’ को विशेषण पदबंध में बदलने से वाक्य सरल बन गया।

III. हमारी फ़िल्मों की सबसे बड़ी कमज़ोरी लोक-तत्त्व का अभाव होता है। (मिश्र वाक्य में रूपांतरण कीजिए) [1 अंक]

उत्तर यह हमारी फ़िल्मों की सबसे बड़ी कमज़ोरी है कि उनमें लोक-तत्त्व का अभाव होता है। ‘कि’ से जुड़ा आश्रित उपवाक्य जुड़ने पर वाक्य मिश्र हो जाता है।

IV. वामीरो तेज़ कदमों से चलती हुई आई और तताँरा के सामने आकर ठिठक गई। (रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद लिखिए) [1 अंक]

उत्तर संयुक्त वाक्य दो स्वतंत्र उपवाक्य समुच्चयबोधक ‘और’ से जुड़े हुए हैं।

V. जब सालाना इम्तिहान हुआ तो मैं उसमें पास हो गया। (रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद लिखिए) [1 अंक]

उत्तर मिश्र वाक्य ‘जब … तो’ से जुड़ा एक आश्रित उपवाक्य प्रधान उपवाक्य के साथ आया है।

अंक विभाजन : किन्हीं चार उपप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित - प्रत्येक सही उत्तर 1 अंक। कुल 4 अंक।

Q54 × 1 = 4 अंकनिर्देशानुसार ‘समास’ पर आधारित पाँच में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I. ‘अन्न-जल’ - शब्द का सामासिक विग्रह कर समास का नाम लिखिए। [1 अंक]

उत्तर अन्न और जल - द्वंद्व समास दोनों पद प्रधान हैं और विग्रह में ‘और’ का प्रयोग होता है।

II. ‘जनता का सेवक’ - समस्त पद बनाकर समास का भेद लिखिए। [1 अंक]

उत्तर जनसेवक - तत्पुरुष समास विग्रह में कारक-चिह्न ‘का’ लुप्त है और उत्तर पद प्रधान है।

III. ‘आमरण’ शब्द का सामासिक विग्रह कर समास का नाम लिखिए। [1 अंक]

उत्तर मरण तक - अव्ययीभाव समास पूर्व पद ‘आ’ अव्यय है और समस्त पद अव्यय की भाँति प्रयुक्त होता है।

IV. ‘सूक्तिबाण’ सामासिक पद में प्रयुक्त पूर्व पद और उत्तर पद अलग कर समास का भेद लिखिए। [1 अंक]

उत्तर पूर्व पद - सूक्ति उत्तर पद - बाण भेद - कर्मधारय समास यहाँ सूक्ति रूपी बाण है, अर्थात् उपमान-उपमेय का संबंध है।

V. ‘पीतांबर’ शब्द का सामासिक विग्रह कर समास का नाम लिखिए। [1 अंक]

उत्तर पीला है अंबर जिसका अर्थात् विष्णु - बहुव्रीहि समास पीला है जो अंबर - कर्मधारय समास ( किसी भी एक उत्तर को स्वीकार किया जाए। )

अंक विभाजन : किन्हीं चार उपप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित - प्रत्येक सही उत्तर 1 अंक। कुल 4 अंक।

Q64 × 1 = 4 अंकनिर्देशानुसार ‘मुहावरे’ पर आधारित पाँच में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I. वह फेल क्या हुआ, पूरा परिवार टोपी की टोपी उछालता हुआ नज़र आया। (वाक्य में प्रयुक्त मुहावरा छाँटकर लिखिए) [1 अंक]

उत्तर मुहावरा - टोपी उछालना

II. सन्नाटा सुनाई देना - मुहावरे का वाक्य में प्रयोग कीजिए। [1 अंक]

उत्तर अर्थ - पूर्ण शांति होना। वाक्य - प्रश्नपत्र बँटते ही पूरी कक्षा में सन्नाटा सुनाई देने लगा। ( अर्थ स्पष्ट करता हुआ कोई भी उपयुक्त वाक्य प्रयोग स्वीकार्य )

III. तलवार खींचना - मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए। [1 अंक]

उत्तर अर्थ - युद्ध या संघर्ष के लिए तैयार हो जाना। वाक्य - अन्याय होते देख सैनिकों ने अत्याचारियों के विरुद्ध तलवार खींच ली। ( मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करता हुआ कोई भी वाक्य प्रयोग स्वीकार्य )

IV. देश के रखवाले ............... बाँध कर निकले हैं, अब उन्हें कोई भी मुश्किल रोक नहीं सकती। (रिक्त स्थान की पूर्ति हेतु उचित मुहावरा लिखिए) [1 अंक]

उत्तर सिर पर कफ़न बाँधकर अर्थ - प्राणों की परवाह किए बिना कार्य के लिए तत्पर होना।

V. जैसे ही उसने बड़े भाईसाहब को अपनी तरफ़ आते देखा, उसके ............ गए। (रिक्त स्थान की पूर्ति हेतु उचित मुहावरा लिखिए) [1 अंक]

उत्तर हाथ-पाँव फूल गए / तोते उड़ गए / प्राण सूख गए / होश उड़ गए सभी मुहावरों का अर्थ है - भयभीत या घबरा जाना।

अंक विभाजन : किन्हीं चार उपप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित - प्रत्येक सही उत्तर 1 अंक। कुल 4 अंक।

Hindi B Sample Paper Solutions: खंड ग: स्पर्श एवं संचयन (प्रश्न 7 से 11, 28 अंक)

Q75 × 1 = 5 अंकनिम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर दिए गए बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

खींच दो अपने खूँ से ज़मीं पर लकीर इस तरफ़ आने पाए न रावन कोई तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे छू न पाए सीता का दामन कोई राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

I. कवि द्वारा पौराणिक पात्रों का प्रयोग मुख्यतः किस उद्देश्य से किया गया है? [1 अंक]

(A) धार्मिक भावना और आस्था को जगाने के लिए

(B) कथा को अधिक रोचक और मनोरंजक बनाने के लिए

(C) ऐतिहासिक घटनाओं और तथ्यों का वर्णन करने के लिए

(D) राष्ट्रीय चेतना को प्रतीकों के माध्यम से व्यक्त करने के लिए

उत्तर (D) राष्ट्रीय चेतना को प्रतीकों के माध्यम से व्यक्त करने के लिए रामायण के पात्रों से आम लोग परिचित हैं और उनसे प्रेरणा लेते हैं।

II. ‘रावन’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है? [1 अंक]

(A) संकट के लिए

(B) शत्रु देश के लिए

(C) सैनिकों के लिए

(D) देशवासियों के लिए

उत्तर (B) शत्रु देश के लिए रावण एक ऐसा खल पात्र है जो शत्रु-चरित्र का परिचायक है।

III. इस काव्यांश का संदेश है - [1 अंक]

(A) हमें लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए

(B) हमें राम-लक्ष्मण से सीख लेनी चाहिए

(C) हमें मातृभूमि को सीता समझना चाहिए

(D) हमें देश की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए

उत्तर (D) हमें देश की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए काव्यांश के सभी उदाहरण देश की रक्षा की ओर संकेत करते हैं।

IV. काव्यांश के आधार पर निम्नलिखित विचार पढ़िए और सही विकल्प का चयन कीजिए। [1 अंक]

(i) कवि शत्रु के प्रति अकारण हिंसा करने का समर्थन करता है। (ii) कवि के अनुसार केवल शक्ति प्रदर्शन ही राष्ट्र रक्षा का पर्याप्त माध्यम है। (iii) देश की मर्यादा और सुरक्षा के लिए सदैव सजग और तत्पर रहने का संदेश दिया गया है। (iv) काव्यांश नागरिकों को व्यक्तिगत जीवन से ऊपर उठकर राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है।

विकल्प :

(A) कथन (i) और (iii) सही हैं।

(B) कथन (iii) और (iv) सही हैं।

(C) कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं।

(D) केवल कथन (iii) सही है।

उत्तर (B) कथन (iii) और (iv) सही हैं। यहाँ सीता के रूप में राष्ट्र को और रावण के रूप में शत्रु को दर्शाया गया है। प्रत्येक जन को राम और लक्ष्मण बताते हुए देश-रक्षा की प्रेरणा दी गई है।

V. निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए : [1 अंक]

कथन : इस काव्यांश में कवि देश की रक्षा के लिए हर प्रकार के बलिदान की प्रेरणा देता है। कारण : कवि देश की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण मानता है।

विकल्प :

(A) कथन सही है लेकिन कारण गलत है।

(B) कथन गलत है और कारण सही है।

(C) कथन और कारण दोनों सही हैं।

(D) कथन और कारण दोनों गलत हैं।

उत्तर (C) कथन और कारण दोनों सही हैं। कवि देश की सुरक्षा के लिए बलिदान को सर्वोपरि मानता है।

अंक विभाजन : प्रत्येक उपप्रश्न 1 अंक। कुल 5 अंक।

Q83 × 2 = 6 अंकनिम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I. कबीर ने संसार को ‘सुखिया’ तथा स्वयं को ‘दुखिया’ क्यों कहा है? [2 अंक]

उत्तर • कबीर ने संसार के लोगों को ‘सुखिया’ कहा है, क्योंकि वे माया, मोह और भोग-विलास में डूबे रहते हैं। • माया-मोह में डूबे सांसारिक लोगों को दुःख का बोध ही नहीं होता। • कबीर ने स्वयं को ‘दुखिया’ कहा है क्योंकि वे जागृत और सचेत हैं। • दूसरों को अज्ञान में सुखी देखकर और सत्य से दूर जाते देखकर कबीर को पीड़ा होती है। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

II. “मनुष्य मात्र बंधु है यही बड़ा विवेक है” - ‘मनुष्यता’ कविता के आधार पर पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए। [2 अंक]

उत्तर • प्रत्येक मनुष्य को अपने भाई की तरह समझना। • मनुष्यता ही विवेक की सच्ची पहचान है। • दुःख-सुख में एक दूसरे के साथ खड़े रहना। • सहयोग और परोपकार की भावना रखना। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

III. ‘तोप’ कविता के माध्यम से कवि वीरेन डंगवाल क्या संदेश देना चाहते हैं? [2 अंक]

उत्तर • शक्ति और सत्ता स्थायी नहीं रहती। • जनता पर शासन और शोषण से शासक की पहचान नहीं बनती। • क्रूर और हिंसक सत्ता का नाश होना तय है। • सत्ता से हटने पर शासक की स्थिति हास्यास्पद हो जाती है। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

IV. ‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता में वर्षा से पहले का दृश्य किस प्रकार से आकर्षक और सुंदर है? [2 अंक]

उत्तर • वर्षा से पहले पर्वत प्रदेश शांत और निर्मल दिखाई देता है। • आकाश स्वच्छ, धूप हल्की और हवा शीतल रहती है। • चारों ओर हरियाली का मनोहर दृश्य दिखाई देता है। • वातावरण में एक मधुर प्रतीक्षा और सौंदर्यपूर्ण स्थिरता रहती है। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

अंक विभाजन : किन्हीं तीन उपप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित - प्रत्येक 2 अंक (प्रत्येक अपेक्षित बिंदु पर 1 अंक)। कुल 6 अंक।

Q95 × 1 = 5 अंकनिम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

हमारी फ़िल्मों की सबसे बड़ी कमज़ोरी होती है, लोक-तत्त्व का अभाव। वे ज़िंदगी से दूर होती हैं। यदि त्रासद स्थितियों का चित्रांकन होता है तो उन्हें ग्लोरिफ़ाई किया जाता है। दुःख का ऐसा वीभत्स रूप प्रस्तुत होता है जो दर्शकों का भावनात्मक शोषण कर सके। और ‘तीसरी कसम’ की यह खास बात थी कि वह दुःख को भी सहज स्थिति में, जीवन-सापेक्ष प्रस्तुत करती है। मैंने शैलेंद्र को गीतकार नहीं, कवि कहा है। वे सिनेमा की चकाचौंध के बीच रहते हुए यश और धन-लिप्सा से कोसों दूर थे। जो बात उनकी ज़िंदगी में थी, वही उनके गीतों में भी। उनके गीतों में सिर्फ़ करुणा नहीं, जूझने का संकेत भी था और वह प्रक्रिया भी मौजूद थी जिसके तहत अपनी मंज़िल तक पहुँचा जाता है। व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती, उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है।

I. शैलेंद्र गीतकार से अधिक कवि थे, क्योंकि - [1 अंक]

(A) वे शास्त्रीय छंदों में लिखते थे।

(B) वे फ़िल्मी दुनिया से दूर रहते थे।

(C) उनकी रचनाओं में जीवन-मूल्य पिरोए रहते थे।

(D) वे केवल सामाजिक विषयों पर लिखते थे।

उत्तर (C) उनकी रचनाओं में जीवन-मूल्य पिरोए रहते थे। वे सिनेमा की चकाचौंध के बीच रहते हुए भी यश और धन-लिप्सा से कोसों दूर थे।

II. ‘तीसरी कसम’ को अन्य फ़िल्मों से अलग बताने का मुख्य कारण क्या है? [1 अंक]

(A) प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा अभिनय

(B) दुःख को जीवन-सापेक्ष प्रस्तुत करना

(C) दुःख को अत्यधिक प्रभावशाली दिखाना

(D) सामाजिक समस्याओं की अनदेखी करना

उत्तर (B) दुःख को जीवन-सापेक्ष प्रस्तुत करना ‘तीसरी कसम’ की यह खास बात थी कि वह दुःख को भी सहज स्थिति में, जीवन-सापेक्ष प्रस्तुत करती है।

III. निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए : [1 अंक]

कथन : व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती। कारण : मनुष्य अपनी पीड़ाओं से ही सीखता है।

विकल्प :

(A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।

(B) कथन गलत है लेकिन कारण सही है।

(C) कथन सही है लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।

(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

उत्तर (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है। उनके गीतों में सिर्फ़ करुणा नहीं, वह प्रक्रिया भी मौजूद थी जिसके तहत अपनी मंज़िल तक पहुँचा जाता है। व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती, उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है।

IV. शैलेंद्र के गीतों की विशेषताओं पर निम्नलिखित विचार पढ़िए और उचित विकल्प चुनिए : [1 अंक]

(i) प्रेम का भाव (ii) जूझने का संकेत (iii) दुःख का वीभत्स रूप (iv) अपनी मंज़िल तक पहुँचने की प्रक्रिया

विकल्प :

(A) कथन (i) और (iii) सही हैं।

(B) कथन (ii) और (iii) सही हैं।

(C) कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं।

(D) कथन (ii) और (iv) सही हैं।

उत्तर (D) कथन (ii) और (iv) सही हैं। उनके गीतों में जूझने का संकेत था और वह प्रक्रिया मौजूद थी जिसके तहत अपनी मंज़िल तक पहुँचा जाता है।

V. शैलेंद्र के गीतों में व्यथा का स्वर किस रूप में प्रकट होता है? [1 अंक]

(A) निराशा और पलायन के रूप में

(B) आत्मदया और पराजय के रूप में

(C) केवल व्यक्तिगत दुःख के चित्रण के रूप में

(D) करुणा के साथ संघर्ष और आगे बढ़ने की प्रेरणा के रूप में

उत्तर (D) करुणा के साथ संघर्ष और आगे बढ़ने की प्रेरणा के रूप में शैलेंद्र के गीतों में करुणा, जूझने का संकेत और मंज़िल पर पहुँचने की प्रक्रिया - तीनों थे।

अंक विभाजन : प्रत्येक उपप्रश्न 1 अंक। कुल 5 अंक।

Q103 × 2 = 6 अंकनिम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर 25-30 शब्दों में लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I. पाठ में बड़े भाई साहब हमेशा अनुशासन और जिम्मेदारी के उदाहरण पेश करते हैं। यदि आप उनके किसी एक गुण को अपने जीवन में अपनाएँ, तो वह कौन-सा होगा और क्यों? [2 अंक]

उत्तर • मैं अनुशासन / समय के सदुपयोग के गुण को अपने जीवन में अपनाना चाहूँगा / चाहूँगी। • बड़े भाई साहब समय का सदुपयोग करने और नियमित अध्ययन पर ज़ोर देते हैं। • अनुशासन से लक्ष्य तय करना और उन्हें पाने के लिए निरंतर प्रयास करना आसान होता है। • इससे आलस्य दूर होता है और कार्य करने की आदत बनती है। • इसलिए अनुशासन अपनाकर जीवन को सही दिशा दी जा सकती है। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

II. ‘डायरी का पन्ना’ पाठ में बंगाल की जनता के साहस और संघर्ष का अप्रतिम उदाहरण मिलता है। कैसे? [2 अंक]

उत्तर • बंगाल की जनता द्वारा अंग्रेज़ी शासन के अत्याचारों का साहसपूर्वक सामना करना। • दमन और गोलियों के भय के बावजूद लोगों का आंदोलन में डटे रहना। • आम नागरिकों का भी संघर्ष में सक्रिय भागीदारी निभाना। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

III. “वे सोने में ताँबा नहीं बल्कि ताँबे में सोना मिलाकर उसकी कीमत बढ़ाते थे।” ‘गिन्नी का सोना’ पाठ के आधार पर इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए। [2 अंक]

उत्तर • आदर्श की तुलना सोने से तथा व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से की जाना। • गांधी जी द्वारा आदर्शों को व्यावहारिकता के स्तर पर उतरने नहीं देना। • उनका व्यावहारिकता को आदर्शों के स्तर तक ऊँचा ले जाना। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

IV. ‘अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले’ पाठ के अनुसार वर्तमान में लोग दूसरों के दुख में दुखी नहीं होते। आपके विचार में इस भावनात्मक बदलाव के क्या कारण हो सकते हैं? [2 अंक]

उत्तर • लोगों के जीवन में अत्यधिक व्यस्तता का होना। • लोगों में संवेदना और अपनेपन का कम होना। • भौतिक सुखों की चाह में मानवीय भावनाओं की उपेक्षा। • समाज में आपसी जुड़ाव का कम होना। ( केवल दो बिंदु अपेक्षित )

अंक विभाजन : किन्हीं तीन उपप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित - प्रत्येक 2 अंक (प्रत्येक अपेक्षित बिंदु पर 1 अंक)। कुल 6 अंक।

Q112 × 3 = 6 अंकनिम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I. टोपी और हरिहर काका दोनों अपने परिवार द्वारा उपेक्षित थे। पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि परिवार की उपेक्षा ने उनके मानसिक जीवन और भावनात्मक सुरक्षा को किस प्रकार प्रभावित किया? [3 अंक]

उत्तर • ‘टोपी’ का परिवार में होते हुए भी अकेलापन और उपेक्षा महसूस करना। • परिवार का स्नेह न मिलने से उसका भावनात्मक रूप से असुरक्षित होना। • ‘हरिहर काका’ को परिवार द्वारा केवल संपत्ति के कारण महत्व देना, एक व्यक्ति के रूप में नहीं। • उनके मन में अविश्वास, भय और असुरक्षा की भावना पैदा होना। • परिवार की उपेक्षा के कारण दोनों के मानसिक संतुलन और आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुँचना। ( केवल तीन बिंदु अपेक्षित, अन्य तर्कपूर्ण बिंदु भी स्वीकार्य )

II. ‘सपनों के-से दिन’ पाठ में पीटी सर ने विद्यार्थियों में अनुशासन के लिए जिन तरीकों को अपनाया, उससे आप कितना सहमत हैं? क्या उन युक्तियों को वर्तमान में स्वीकार किया जा सकता है? अपने विचार के पक्ष में तर्क दीजिए। [3 अंक]

उत्तर • पीटी सर का विद्यार्थियों में अनुशासन बनाए रखने के लिए कठोर नियमों का पालन करवाना। • डर के कारण विद्यार्थियों का आत्मविश्वास प्रभावित होना। • उनके तरीकों में शारीरिक दंड का संकेत मिलना, जो आज के समय में स्वीकार्य नहीं। • वर्तमान शिक्षा में संवाद, प्रेरणा और सकारात्मक अनुशासन पर ज़ोर। • पीटी सर की अनुशासनप्रियता उचित, लेकिन उनके कठोर उपाय आज पूर्णतः स्वीकार्य नहीं। ( केवल तीन बिंदु अपेक्षित, अन्य तर्कपूर्ण बिंदु भी स्वीकार्य )

III. कहानी के अंत तक हरिहर काका की स्थिति दयनीय हो जाती है। हरिहर काका की इस स्थिति के लिए आप किसे जिम्मेदार मानते हैं और क्यों? [3 अंक]

उत्तर • परिवार सबसे अधिक जिम्मेदार - परिवार की भूमिका सबसे अधिक नकारात्मक रही। • परिवार द्वारा काका को स्नेह और सहयोग नहीं दिया गया। • परिवार के सदस्य केवल उनकी संपत्ति पर अधिकार चाहते थे। • धार्मिक संस्थान ने भी उन्हें डर और अंधविश्वास में बाँधे रखा। • समाज ने मूकदर्शक बनकर अन्याय को बढ़ावा दिया। ( केवल तीन बिंदु अपेक्षित )

अंक विभाजन : किन्हीं दो उपप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित - प्रत्येक 3 अंक (प्रत्येक अपेक्षित बिंदु पर 1 अंक)। कुल 6 अंक।

Hindi B Sample Paper Solutions: खंड घ: रचनात्मक लेखन (प्रश्न 12 से 16, 22 अंक)

Q121 × 5 = 5 अंकनिम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

(i) सबसे अच्छा देश हमारा!

• भारत की विविधता एवं एकता

• गौरवशाली संस्कृति और समृद्ध इतिहास

• वर्तमान की उपलब्धियाँ एवं भविष्य की आशाएँ

(ii) तकनीक पर निर्भरता : सुविधा से मजबूरी तक

• दैनिक जीवन में तकनीक की भूमिका

• अत्यधिक निर्भरता के दुष्परिणाम

• विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता

(iii) जल संकट : भविष्य की चेतावनी

• घटते जल स्रोत

• मानव लापरवाही के कारण जल का अपव्यय

• जल संरक्षण में हमारी भूमिका

नमूना उत्तर - (i) सबसे अच्छा देश हमारा!

भारत केवल एक भूखंड नहीं, एक जीवंत विचार है। हिमालय से कन्याकुमारी तक फैले इस देश में सैकड़ों भाषाएँ, अनेक धर्म और असंख्य परंपराएँ साथ-साथ साँस लेती हैं, फिर भी हम एक राष्ट्र हैं। यही ‘अनेकता में एकता’ हमारी सबसे बड़ी पहचान है। हमारी संस्कृति गौरवशाली और इतिहास समृद्ध है। वेद और उपनिषद, नालंदा और तक्षशिला, शून्य का आविष्कार तथा अहिंसा का संदेश - विश्व को भारत की यह देन अमूल्य है। आज का भारत विज्ञान, अंतरिक्ष, तकनीक और खेल के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। चंद्रयान की सफलता और डिजिटल क्रांति इसके प्रमाण हैं। यदि हम शिक्षा, स्वच्छता और ईमानदारी को अपनाएँ तो आने वाला कल और भी उज्ज्वल होगा। सच ही कहा गया है - सबसे अच्छा देश हमारा!

नमूना उत्तर - (ii) तकनीक पर निर्भरता : सुविधा से मजबूरी तक

सुबह जगाने वाला अलार्म, रास्ता बताने वाला नक्शा, पढ़ाई का वीडियो और जेब में बैठा बैंक - आज का दिन तकनीक से शुरू होकर तकनीक पर ही समाप्त होता है। इसने दूरियाँ मिटाईं, समय बचाया और ज्ञान को सबकी पहुँच में ला दिया। परंतु यह सुविधा कब मजबूरी बन गई, पता ही नहीं चला। मोबाइल छूटते ही बेचैनी, इंटरनेट बंद होते ही काम ठप और छोटे-छोटे हिसाब के लिए भी कैलकुलेटर - स्मरण-शक्ति, धैर्य तथा आपसी संवाद घटते जा रहे हैं। बच्चों के खेल के मैदान स्क्रीन में सिमट गए हैं। समाधान तकनीक का त्याग नहीं, उसका विवेकपूर्ण उपयोग है। समय तय कीजिए, आवश्यकता भर उपयोग कीजिए और मशीन को स्वामी नहीं, सेवक बने रहने दीजिए। तभी सुविधा सचमुच सुविधा बनी रहेगी।

नमूना उत्तर - (iii) जल संकट : भविष्य की चेतावनी

पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल है, फिर भी पीने योग्य जल एक प्रतिशत से भी कम है। कुएँ सूख रहे हैं, तालाब पट रहे हैं, नदियाँ सिकुड़ रही हैं और भूजल का स्तर हर वर्ष नीचे जा रहा है। इसका बड़ा कारण मानव की लापरवाही है। खुला नल, टपकती टोंटी, पाइप से वाहनों की धुलाई और कारखानों का कचरा नदियों में - हम जल को अक्षय मानकर उसका अपव्यय करते रहे। चेतावनी स्पष्ट है। वर्षा-जल संचयन, पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, बूँद-बूँद सिंचाई और घर-घर में जल की मितव्ययिता ही उपाय हैं। यदि आज हमने एक-एक बूँद नहीं सँभाली, तो कल की पीढ़ी हमसे हिसाब माँगेगी। जल है तो कल है।

अंक विभाजन : अनुच्छेद लेखन - आरंभ 1 अंक; विषयवस्तु 3 अंक; भाषा शुद्धता 1 अंक। कुल 5 अंक।

Q131 × 5 = 5 अंकनिम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में एक औपचारिक पत्र लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I

आप भुवन / भावना हैं। आपके पास के बाज़ार में प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक की थैलियों का खुलेआम उपयोग हो रहा है। इसकी सूचना देते हुए व समस्या के समाधान का निवेदन करते हुए नगर निगम अध्यक्ष को पत्र लिखिए।

अथवा

II

आपके विद्यालय के पास एक बस्ती है। आप वहाँ के विद्यार्थियों का नामांकन अपने विद्यालय में करवाना चाहते हैं। इस संदर्भ में अपने विद्यालय - क ख ग के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।

नमूना उत्तर - I

परीक्षा भवन क ख ग नगर दिनांक : 15 अक्तूबर 20XX सेवा में, अध्यक्ष महोदय, नगर निगम, क ख ग नगर विषय : बाज़ार में प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक की थैलियों के प्रयोग के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं आपके नगर के क ख ग क्षेत्र का निवासी हूँ। आपका ध्यान इस ओर दिलाना चाहता हूँ कि हमारे पास के बाज़ार में शासकीय प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक की थैलियों का खुलेआम उपयोग हो रहा है। सब्ज़ी, फल तथा किराने की लगभग हर दुकान पर सामान इन्हीं थैलियों में दिया जा रहा है। ये थैलियाँ नालियों में फँसकर जल-निकासी रोक देती हैं और पशुओं के पेट में जाकर उनके लिए प्राणघातक सिद्ध होती हैं। अतः आपसे निवेदन है कि बाज़ार में नियमित निरीक्षण करवाकर दोषी दुकानदारों पर उचित कार्रवाई की जाए तथा कपड़े और जूट के थैलों के प्रयोग हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाए। धन्यवाद। भवदीय भुवन

नमूना उत्तर - II

परीक्षा भवन क ख ग नगर दिनांक : 15 अक्तूबर 20XX सेवा में, प्रधानाचार्य महोदय, विद्यालय - क ख ग क ख ग नगर विषय : समीपवर्ती बस्ती के बच्चों के नामांकन हेतु निवेदन। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा दसवीं का विद्यार्थी हूँ। हमारे विद्यालय के निकट एक बस्ती है, जहाँ अनेक बच्चे विद्यालय नहीं जा पाते। कुछ अभिभावक शुल्क के भय से तथा कुछ अज्ञानता के कारण उन्हें पढ़ाई के स्थान पर काम पर भेज देते हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत इन बच्चों को हमारे विद्यालय में प्रवेश दिलाया जा सकता है। हम विद्यार्थी अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें समझाने तथा नामांकन में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। अतः आपसे अनुरोध है कि इन बच्चों के नामांकन की अनुमति प्रदान करने की कृपा करें। धन्यवाद। आपका आज्ञाकारी शिष्य क ख ग कक्षा - दसवीं

अंक विभाजन : पत्र-लेखन - प्रारूप (प्रारंभ और अंत की औपचारिकताएँ) 1 अंक; विषयवस्तु 3 अंक; भाषा शुद्धता 1 अंक। कुल 5 अंक।

Q141 × 4 = 4 अंकनिम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 60 शब्दों में सूचना लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I

आपकी सोसाइटी ‘आरोग्य नगर’ में तीन दिनों का योग एवं ध्यान शिविर प्रारंभ किया जा रहा है। सोसाइटी के सचिव के रूप में सूचना तैयार कीजिए।

अथवा

II

आप विद्यालय की सुरक्षा समिति के सचिव हैं। विद्यालय में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इस संदर्भ में विद्यार्थियों हेतु सूचना लिखिए।

नमूना उत्तर - I

आरोग्य नगर कल्याण समिति सूचना दिनांक : 15 अक्तूबर 20XX योग एवं ध्यान शिविर सोसाइटी के समस्त निवासियों को सूचित किया जाता है कि आरोग्य नगर में तीन दिवसीय योग एवं ध्यान शिविर आयोजित किया जा रहा है। दिनांक : 1 से 3 नवंबर 20XX समय : प्रातः 6:00 से 7:30 बजे तक स्थान : सोसाइटी का केंद्रीय उद्यान प्रशिक्षक : प्रमाणित योग-शिक्षक प्रवेश निःशुल्क है। इच्छुक निवासी 30 अक्तूबर तक कार्यालय में अपना नाम लिखवा दें तथा अपने साथ योग-मैट अवश्य लाएँ। सचिव आरोग्य नगर कल्याण समिति

नमूना उत्तर - II

क ख ग विद्यालय सूचना दिनांक : 15 अक्तूबर 20XX आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल विद्यालय के समस्त विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि विद्यालय में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। दिनांक : 20 अक्तूबर 20XX समय : प्रातः 10:00 बजे स्थान : विद्यालय प्रांगण घंटी बजते ही सभी विद्यार्थी शांतिपूर्वक पंक्तिबद्ध होकर कक्षा-अध्यापक के निर्देशानुसार निर्धारित स्थान पर पहुँचें। भगदड़ न मचाएँ तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। सचिव सुरक्षा समिति

अंक विभाजन : सूचना लेखन - प्रारूप 1 अंक; विषयवस्तु 2 अंक; भाषा शुद्धता 1 अंक। कुल 4 अंक।

Q151 × 3 = 3 अंकनिम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 40 शब्दों में आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए :Tap to view answer and marking scheme

I

सामाजिक सेवा करने वाली ‘रोशनी’ संस्था के लिए विज्ञापन तैयार कीजिए।

अथवा

II

प्रदूषण कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का प्रचार करते हुए जन-संपर्क विभाग की ओर से एक विज्ञापन तैयार कीजिए।

नमूना उत्तर - I

रोशनी सेवा संस्थान “हर अँधेरे में एक दीया जलाइए” - निर्धन बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा एवं पुस्तकें - वृद्धजनों की देखभाल तथा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर - महिलाओं हेतु कौशल प्रशिक्षण - आत्मनिर्भरता की ओर आइए, जुड़िए और सेवा में सहभागी बनिए! संपर्क : रोशनी सेवा संस्थान, क ख ग नगर | दूरभाष : 98XXXXXX00

नमूना उत्तर - II

स्वच्छ हवा - स्वस्थ भारत (जन-संपर्क विभाग की ओर से) - सी.एन.जी. तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन - हर जिले में वृक्षारोपण अभियान - पराली जलाने पर रोक एवं कारखानों की निगरानी आप भी कीजिए - वाहन साझा कीजिए, पेड़ लगाइए, कचरा न जलाइए। “साँस लेना हमारा अधिकार है, उसे बचाना हमारा कर्तव्य।”

अंक विभाजन : विज्ञापन लेखन - रचनात्मक प्रस्तुति 1 अंक; विषयवस्तु 1 अंक; भाषा शुद्धता 1 अंक। कुल 3 अंक।

Q161 × 5 = 5 अंकप्रश्न के अनुसार उत्तर लिखिए :Tap to view answer and marking scheme

I

जिनके बच्चों की उपस्थिति विद्यालय में 70 फीसदी से कम है, उन अभिभावकों को आगाह करने हेतु लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल तैयार कीजिए।

अथवा

II

“घनघोर बारिश हो रही थी और अचानक मैंने देखा कि ......” - इस पंक्ति से शुरुआत करते हुए लगभग 100 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

नमूना उत्तर - I (ई-मेल)

प्रेषक : principal@kkgvidyalaya.edu.in प्रेषिती : parents@kkgvidyalaya.edu.in विषय : विद्यार्थी की कम उपस्थिति के संबंध में आवश्यक सूचना आदरणीय अभिभावक, विद्यालय के अभिलेख के अनुसार आपके बच्चे की इस सत्र में उपस्थिति 70 प्रतिशत से भी कम है। नियमानुसार 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर विद्यार्थी को वार्षिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा सकती। निरंतर अनुपस्थिति से पढ़ाई भी पिछड़ रही है। कृपया अपने बच्चे की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा किसी कठिनाई की स्थिति में कक्षा-अध्यापक से शीघ्र संपर्क करें। सधन्यवाद प्रधानाचार्य क ख ग विद्यालय

नमूना उत्तर - II (लघुकथा)

बूँद-बूँद अपनापन घनघोर बारिश हो रही थी और अचानक मैंने देखा कि सड़क किनारे बिजली के खंभे से सटा एक बूढ़ा आदमी काँप रहा है। उसके हाथ में अख़बारों का भीगा बंडल था - आज की बिक्री, जो अब किसी काम की न थी। मैंने छाता आगे बढ़ाया। उसने सिर हिला दिया, “बेटा, तुम भीग जाओगे।” मैं उसे पास की दुकान के छज्जे तक ले आया और चाय मँगवाई। घूँट भरते हुए वह बोला, “आज कमाई नहीं हुई, पर आदमी मिल गया।” बारिश थमी तो वह चला गया। मेरे हाथ में एक भीगा अख़बार रह गया और मन में एक सूखी-सी सीख - करुणा किसी मौसम की मोहताज नहीं होती।

अंक विभाजन : ई-मेल - प्रारूप 1 अंक; विषयवस्तु 3 अंक; भाषा शुद्धता 1 अंक। अथवा लघुकथा लेखन - प्रस्तुति 1 अंक; विषयवस्तु 3 अंक; भाषा शुद्धता 1 अंक। कुल 5 अंक।

From the Marking Scheme

Where Students Lose Marks in Class 10 Hindi B

Going through the marking scheme of the cbse hindi b sample paper class 10 shows a clear pattern of where marks slip away. Keep these points in mind while practising.

  • पदबंध और समास रोज़ दोहराएँ। व्याकरण के 16 अंक सबसे आसानी से मिल सकते हैं।
  • मुहावरों का वाक्य में प्रयोग करें। केवल अर्थ लिखने पर पूरे अंक नहीं मिलते।
  • स्पर्श के पाठों का सार लिखें। हर पाठ के 3-4 मुख्य बिंदु याद रखें।
  • सूचना और विज्ञापन का प्रारूप सीखें। बॉक्स, शीर्षक और संपर्क विवरण पर अंक मिलते हैं।
  • Practise in 3 hours. Attempt the paper first, then check every answer here.
After Class 10

Planning Class 11 After Your Boards?

Once your board preparation is on track, the next big decision is your stream and Class 11 preparation. Class 11 Physics, Chemistry, Maths and Biology are much deeper than Class 10, and students who start early find the jump far easier. If you are thinking about JEE or NEET, these two Competishun programmes are built for exactly this stage.

Class 10 to 11 Bridge Course

JEET SETU

A 60-day bridge course that takes you from Class 10 to Class 11 the right way, for JEE and NEET.

  • Physics, Chemistry, Maths and Biology at real exam depth
  • Try JEE and NEET level teaching before you pick a stream
  • DPPs, periodic tests and doubt solving included
Explore JEET SETU
Class 11 Full-Year Course

Pratham

Competishun's complete Class 11 JEE course, built for boards and JEE together from day one.

  • Senior faculty with 18 to 25 years' experience
  • Full Class 11 syllabus for JEE Main and Advanced
  • Regular tests with detailed analysis
Explore Pratham

FAQs on Cbse hindi b sample paper class 10

You can download it free from this page. Tap Download Solutions PDF near the top to get all 16 solved questions with the marking scheme.
Yes. The questions are from the official CBSE Class 10 Hindi B (085) sample paper for 2026-27, and the solutions are prepared by Competishun.
The paper has 16 questions for 80 marks, and the time allowed is 3 hours.
Yes. Every answer shows the marking scheme, so you can see where each mark is given and write your answers the same way.
No. CBSE has stated that there is no change in the question paper design and assessment pattern for the 2026-27 session.
The question papers for all subjects are on our CBSE Class 10 sample paper 2026-27 page, linked on this page. Attempt the paper there first, then check your answers here.

Explore Our Courses

Our Test Series

More From Our Blog

Showing 12 of 313 blogs